दिल्ली में आईएफएफडी का 25 से 31 मार्च तक आयोजन, 140 फिल्मों का होगा प्रदर्शन : कपिल मिश्रा
-फिल्म ‘धुरंधर 2’ की भी स्क्रीनिंग की जाएगी
नई दिल्ली, 21 मार्च (हि.स.)। दिल्ली के पर्यटन मंत्री कपिल मिश्रा ने शनिवार को दिल्ली के पहले आईएफएफडी (इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल दिल्ली) 2026 के आयोजन की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली सरकार और दिल्ली पर्यटन विभाग की ओर से 25 से 31 मार्च तक भारत मंडपम में इसका आयोजन किया जाएगा।
कपिल मिश्रा ने आईएफएफडी को रचनात्मकता को बढ़ावा देने, अवसर पैदा करने, दिल्ली को वैश्विक सांस्कृतिक मानचित्र पर मजबूती से स्थापित करने वाला सिनेमा उत्सव कहा है। उन्होंने कहा कि इस फेस्टिवल के लिए दुनियाभर के देशों से 2000 से ज्यादा एंट्री आई हैं। इनमें 140 फिल्मों का चयन कर सिनेमा प्रेमियों के लिए इनका प्रदर्शन किया जाएगा।
अंतरराष्ट्रीय फिल्मों के साथ ही इस फिल्म फेस्टिवल में देश के विभिन्न क्षेत्रों की विविधता को दर्शाने के लिए तमिल, तेलगु, गुजराती, मराठी, भोजपुरी, पंजाबी, हरियाणवी, नॉर्थ-ईस्ट और बंगाली सिनेमा की चुनिंदा फिल्मों की स्क्रीनिंग की जाएगी। इसके साथ ही बॉलीवुड की भी कुछ प्रमुख फिल्मों का प्रदर्शन होगा। विशेष रूप से “धुरंधर 2” की स्क्रीनिंग इस फेस्टिवल का प्रमुख आकर्षण रहेगी।
कपिल मिश्रा ने कहा कि दिल्ली सरकार और दिल्ली पर्यटन ने पिछले एक वर्ष में दिल्ली की कला, संस्कृति और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए अनेक महत्वपूर्ण प्रयास किए हैं। इनमें खास तौर पर दीपावली के अवसर पर इंडिया गेट पर आयोजित भव्य ड्रोन शो जैसे कार्यक्रम शामिल हैं। साथ ही छठ पूजा का भव्य आयोजन, कांवड़ यात्रा के लिए व्यापक स्तर पर सुविधाएं और तीज का आयोजन शामिल है। दिल्ली विश्वविद्यालय के कई कॉलेजों में भजन क्लबिंग का आयोजन कर नई पीढ़ी को संस्कृति एवं परम्परा से जोड़ने का सार्थक प्रयास भी किया गया है।
जल्द ही जेएनयू में भी इसका आयोजन किया जाएगा। नवरात्र पर लोगों की आस्था के अनुरूप भव्य आयोजन किए गये हैं। इन आयोजनों को दिल्लीवासियों का भरपूर सहयोग और आशीर्वाद मिला है।
पर्यटन मंत्री ने कहा कि यह इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल दिल्ली में पहली बार आयोजित किया जा रहा है, और दिल्ली सरकार ने इसे हर वर्ष आयोजित करने का निर्णय लिया है, ताकि राजधानी को एक प्रमुख सांस्कृतिक और फिल्म हब के रूप में स्थापित किया जा सके।
कपिल मिश्रा ने कहा कि इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल दिल्ली के मुख्यतः तीन उद्देश्य है। पहला उद्देश्य है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जो ऑरेंज इकॉनमी एवं क्रियेटर्स इकॉनमी का लक्ष्य दिया है, दिल्ली सरकार उसी लक्ष्य में आगे बढ़ते हुए दिल्ली को लाइव एंटरटेनमेंट का एक हब बनाने का काम कर रही है। दिल्ली के फिल्म जगत से जुड़े हुए युवाओं चाहे वो थिएटर के हों, आर्ट के हों, डायरेक्शन, कैमरा, एनीमेशन एआई इत्यादि से जुड़े हों उन सब युवाओं को एक ऐसा प्लेटफार्म प्रदान करना जिसके माध्यम से उनकी कला को पूरा विश्व देख सके। ये दिल्ली इंटरनेशनल फ़िल्म फेस्टिवल दिल्ली का प्रमुख उद्देश्य है।
इसके साथ साथ दिल्ली के पास जो ग्लोबल इवेंट ऑर्गनाइज करने का इंफ्रास्ट्रक्चर प्रधानमंत्री के कार्यकाल में बनाया गया है, जिसमें भारत मंडपम, यशोभूमि, कर्तव्यपथ, वॉर मेमोरियल, न्यू पार्लियामेंट, प्रधानमंत्री संग्रहालय जैसे स्थल शामिल है उन्हें पूरी दुनिया के सामने शोकेस करना। ये इंटरनेशनल फ़िल्म फेस्टिवल दिल्ली का दूसरा उद्देश्य है। कपिल मिश्रा ने कहा कि दिल्ली को फिल्म शूटिंग डेस्टिनेशन के तौर पर स्थापित करना ये इस फिल्म फेस्टिवल का तीसरा प्रमुख उद्देश्य है।
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हिन्दुस्थान समाचार / धीरेन्द्र यादव

