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राजधानी के नागरिकों के लिए राहत का भरोसेमंद केंद्र बन रहे हैं कूलिंग जोन: मुख्यमंत्री

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राजधानी के नागरिकों के लिए राहत का भरोसेमंद केंद्र बन रहे हैं कूलिंग जोन: मुख्यमंत्री


नई दिल्ली, 08 जून (हि.स.)। दिल्ली सरकार राजधानी में बढ़ती गर्मी और हीटवेव की चुनौती से नागरिकों को सुरक्षित रखने के लिए हीट एक्शन प्लान के तहत कई प्रभावी कदम उठा रही है। इसी क्रम में बाहरी-उत्तरी जिला प्रशासन ने सीड्स एनजीओ के सहयोग से बवाना में एक अभिनव और पर्यावरण-अनुकूल बांस से बना कूलिंग जोन स्थापित किया है, जो वर्तमान हीटवेव के दौरान लोगों को राहत प्रदान कर रहा है।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार को इसकी जानकारी देते हुए कहा कि वर्तमान में बवाना और अलीपुर में दो कूलिंग जोन संचालित हैं और नागरिकों को उनकी सेवाएं मिल रही हैं। इसके अतिरिक्त तीन और कूलिंग जोन विकसित किए जा रहे हैं, जिन पर कार्य प्रारंभ हो चुका है। इनमें से एक कूलिंग जोन जिला उपायुक्त (डीसी) कार्यालय के सामने स्थापित किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पहल के तहत पर्यावरण-अनुकूल, टिकाऊ और जलवायु-अनुकूल सार्वजनिक सुविधाओं का विकास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इन कूलिंग जोन का उद्देश्य विशेष रूप से समाज के कमजोर और संवेदनशील वर्गों, निर्माण श्रमिकों, दिहाड़ी मजदूरों, रिक्शा चालकों, ड्राइवरों, रेहड़ी-पटरी विक्रेताओं और खुले में काम करने वाले अन्य नागरिकों को अत्यधिक गर्मी के दुष्प्रभावों से बचाना है।

रेखा गुप्ता ने कहा कि इन कूलिंग जोन का निर्माण मुख्य रूप से बांस से किया गया है, जिससे पर्यावरण पर न्यूनतम प्रभाव पड़ता है और यह एक टिकाऊ संरचना के रूप में कार्य करता है। इसमें खस (वेटिवर घास) की स्क्रीन और मिस्ट आधारित कूलिंग सिस्टम लगाया गया है, जो प्राकृतिक रूप से आसपास के तापमान को कम करता है और लोगों को अधिक आरामदायक वातावरण उपलब्ध कराता है।

उन्होंने बताया कि कूलिंग जोन में प्राकृतिक वेंटिलेशन की विशेष व्यवस्था की गई है। इसके लिए रणनीतिक रूप से डिजाइन किए गए एग्जॉस्ट वेंट और वायु सर्कुलेशन रूट बनाए गए हैं, जिससे लगातार हवा का प्रवाह बना रहता है। पूरी संरचना को इस प्रकार विकसित किया गया है कि यह कम से कम गर्मी को अवशोषित करे और अधिकतम शीतलता और आराम प्रदान कर सके। उन्होंने कहा कि नागरिकों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कूलिंग जोन में ठंडे पीने के पानी, ओआरएस पैकेट, अग्निशामक यंत्र, हीटवेव से बचाव और जागरूकता संबंधी सूचना, शिक्षा एवं संचार (आईईसी) सामग्री और पर्याप्त बैठने और विश्राम की व्यवस्था उपलब्ध कराई गई है।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि कूलिंग जोन श्रमिकों, ड्राइवरों और अन्य मेहनतकश नागरिकों के लिए एक ऐसे भरोसेमंद स्थान के रूप में उभर रहा है, जहां वे दिनभर की गर्मी और थकान के बीच अस्थायी रूप से आराम कर सकते हैं। यह पहल न केवल तत्काल राहत प्रदान कर रही है, बल्कि भविष्य की जलवायु चुनौतियों से निपटने के लिए नवाचार आधारित समाधान विकसित करने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार कमजोर और संवेदनशील वर्गों की सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और भविष्य में भी ऐसे नवाचारपूर्ण और जलवायु-अनुकूल उपायों को बढ़ावा देती रहेगी। उन्होंने कहा कि लोगों को राहत देने वाले ऐसे पर्यावरण अनुकूल कूलिंग जोन दिल्ली के अन्य क्षेत्रों में भी स्थापित किए जाएंगे।

दिल्ली में चल रही भीषण गर्मी को लेकर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सभी नागरिकों से अपील की कि वे पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें, स्वयं को हाइड्रेट रखें, दोपहर के समय लंबे समय तक सीधे सूर्य के संपर्क में आने से बचें तथा हीट एक्शन प्लान के तहत स्थापित कूलिंग जोन और अन्य सार्वजनिक राहत सुविधाओं का अधिकतम उपयोग करें। उन्होंने कहा कि नागरिकों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और कल्याण दिल्ली सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और सरकार गर्मी के मौसम में लोगों को राहत प्रदान करने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है।

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हिन्दुस्थान समाचार / माधवी त्रिपाठी