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दिल्ली में कमर्शियल वाहनों पर ईसीसी बढ़ा, प्रदूषण के खिलाफ सरकार का सख्त फैसला

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नई दिल्ली, 29 अप्रैल (हि.स.)। दिल्ली सरकार ने बुधवार को राजधानी में प्रवेश करने वाले कमर्शियल वाहनों पर एनवायरनमेंटल कम्पेन्सेशन चार्ज (ईसीसी) बढ़ाने की अधिसूचना जारी कर दी। यह फैसला उच्चतम न्यायालय के निर्देशों और कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (सीएक्योएम) की सिफारिशों के आधार पर लिया गया। सरकार का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण को नियंत्रित करना और स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा देना है।

नई दरों के अनुसार कैटेगरी दो (हल्के वाणिज्यिक वाहन) और कैटेगरी 3 (दो एक्सल ट्रक) के लिए ईसीसी को 1,400 रूपये से बढ़ाकर 2,000 रूपये कर दिया गया है। कैटेगरी 4 (तीन एक्सल ट्रक) और कैटेगरी 5 (चार एक्सल और उससे अधिक) के लिए यह शुल्क 2,600 रूपये से बढ़ाकर 4,000 रूपये कर दिया गया है। इसके अलावा, हर साल अप्रैल महीने से ईसीसी में 5 प्रतिशत की वार्षिक बढ़ोतरी भी लागू की जाएगी।

इस पर पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि यह निर्णय सिर्फ राजस्व बढ़ाने के लिए नहीं, बल्कि प्रदूषण फैलाने वाले विशेषकर डीज़ल वाहनों की अनावश्यक आवाजाही को रोकने के लिए लिया गया है। उन्होंने कहा कि दिल्ली अब अतिरिक्त वाहन प्रदूषण का बोझ नहीं उठा सकती और इस फैसले से साफ संदेश दिया गया है कि प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को अब अधिक आर्थिक जिम्मेदारी उठानी होगी।

सिरसा ने बताया कि उच्चतम न्यायालय ने भी संशोधित ईसीसी को उचित और संतुलित मानते हुए इसे मंजूरी दी है। न्यायालय ने यह भी निर्देश दिया कि जिन भारी और कमर्शियल वाहनों को दिल्ली आने की आवश्यकता नहीं है, वे बाहरी एक्सप्रेसवे का उपयोग करें, जिससे वे ईसीसी के भुगतान से भी बच सकते हैं और शहर में ट्रैफिक व प्रदूषण कम होगा।

उन्होंने कहा कि 2015 में तय किया गया ईसीसी समय के साथ अपनी प्रभावशीलता खो चुका था, इसलिए इसे संशोधित करना जरूरी हो गया था। यह फैसला दिल्ली की व्यापक क्लीन एयर रणनीति का हिस्सा है, जिसके तहत सरकार प्रदूषण के स्रोतों पर सख्ती से नियंत्रण करने की दिशा में काम कर रही है।

सिरसा ने कहा कि इस नई व्यवस्था से प्रदूषण फैलाने वाले कमर्शियल वाहनों की अनावश्यक एंट्री कम होगी और राजधानी की वायु गुणवत्ता में सुधार लाने में मदद मिलेगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / माधवी त्रिपाठी