home page

श्यामा प्रसाद मुखर्जी बलिदान दिवस - दिल्ली भाजपा ने स्मृति स्थल पर श्रद्धांजली अर्पित की

 | 
श्यामा प्रसाद मुखर्जी बलिदान दिवस - दिल्ली भाजपा ने स्मृति स्थल पर श्रद्धांजली अर्पित की


नई दिल्ली, 23 जून (हि.स.)। भारतीय जनसंघ के संस्थापक, प्रखर राष्ट्रवादी चिंतक और शिक्षाविद् डा. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के 73वें बलिदान दिवस पर दिल्ली भाजपा ने मंगलवार को दिल्ली गेट के समीप उनके स्मृति स्थल पर कार्यक्रम आयोजित कर श्रद्धांजली अर्पित की और स्मृति स्थल पर वृक्षारोपण किया।

भाजपा के राष्ट्रीय संगठक एवं वरिष्ठ नेता वी. सतीश, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, दिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा, प्रदेश संगठन महामंत्री पवन राणा ने प्रदेश महामंत्री विष्णु मित्तल द्वारा संचालित कार्यक्रम में डा. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित करके बड़ी संख्या में एकत्र कार्यकर्ताओं को सम्बोधित किया।

डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी के जीवन और उनके द्वारा किए गए कार्यों का वर्णन करते हुए वी. सतीश ने कहा कि डॉ. मुखर्जी का जीवन भारत की एकता, अखंडता और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के लिए समर्पित रहा। उन्होंने कहा कि दुर्भाग्यपूर्ण है कि स्वतंत्रता के बाद लंबे समय तक एक विशेष राजनीतिक विचारधारा के प्रभाव में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जैसे महान राष्ट्रनायकों के योगदान को वह सम्मान नहीं मिला जिसके वे अधिकारी थे। डॉ. मुखर्जी के विचारों, उनके संघर्ष और उनके बलिदान को भी इतिहास के मुख्य प्रवाह से दूर रखने की कोशिश की गई।

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि आज का दिन जनसंघ की स्थापना करने वाले पुण्य आत्मा का दिन है, जो आज भाजपा के रूप में पूरे देश को छांव देने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी का जीवन हमारे लिए प्रेरणादायी है। आज राष्ट्र प्रथम की भावना से हम सब काम करते हैं लेकिन उस भावना को पैदा करने वाले डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी थे। उन्होंने सभी से प्रण लेने को कहा कि देशहित में सभी उनके दिए संदेशों को आगे बढ़ाने का काम करेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने एक राष्ट्र एक विधान एक संविधान का नारा दिया और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उनके इस सपने को पूरा करते हुए जम्मू कश्मीर से धारा-370 हटाकर उन्हें एक सच्ची श्रद्धांजलि दी है। उन्होंने कहा कि बंगाल की जीत मुखर्जी के लिए एक बड़ी श्रद्धांजलि है।

दिल्ली भाजपा अध्यक्ष एवं केन्द्रीय राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा ने कहा कि डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी जो हमेशा से राष्ट्र प्रथम सोच के साथ काम करते थे उन्होंने उस वक्त ही भारत आत्मनिर्भर बनें, उसके लिए आवाहन किया था।

मल्होत्रा ने कहा कि राष्ट्रवाद का अलख जलाने और भारत को अखंड रखने के लिए उन्होंने भारतीय जनसंघ की स्थापना की और जिस जम्मू कश्मीर में जाने के लिए अलग से विजा लेना पड़ता था उसके खिलाफ मुहिम चलाया और कहा कि एक देश में एक विधान, एक संविधान लागू होंगे।

मल्होत्रा ने कहा कि डॉ मुखर्जी ने शिक्षा को राष्ट्रनिर्माण का माध्यम बनाया, उद्योग को आत्मनिर्भरता का आधार बनाया और राजनीति को राष्ट्रसेवा का माध्यम बनाया। संविधान की गरिमा को सर्वोच्च माना और राष्ट्रीय एकता को भारत की सबसे बड़ी ताकत माना।

इस मौके पर केंद्रीय राज्य मंत्री दुर्गादास उइके, सांसद मनोज तिवारी, योगेन्द्र चांदोलिया, बांसुरी स्वराज, स्वाति मालीवाल एवं गजेन्द्र पटेल, दिल्ली सरकार में मंत्री डा. पंकज सिंह एवं रविन्द्र इंद्राज सिंह, दिल्ली जलबोर्ड उपाध्यक्ष सतीश उपाध्याय, दिल्ली के महापौर प्रवेश वाही, पूर्व अध्यक्ष विजय गोयल के आलावा अनेक वरिष्ठ नेता, प्रदेश एवं जिला पदाधिकारी, विधायक एवं निगम पार्षद भी बलिदान दिवस कार्यक्रम में सम्मिलित हुए और श्रद्धांजली अर्पित की।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / माधवी त्रिपाठी