डीडीए ने ‘जहां झुग्गी, वहीं फ्लैट’ को लेकर की बैठक
नई दिल्ली, 26 सितंबर (हि.स.)। दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) ने शनिवार को इन-सीटू स्लम पुनर्वास कार्यक्रम (जहां झुग्गी, वहीं फ्लैट) को लेकर बैठक आयोजित की। बैठक की अध्यक्षता डीडीए के उपाध्यक्ष एन सरवणा कुमार ने की। बैठक में डेवलपर्स को बुलाकर कार्यक्रम के तहत मिलने वाले मौकों पर चर्चा की गई और दिल्ली भर में पुनर्वास परियोजनाओं को लागू करने के लिए एक व्यावहारिक ढांचे पर उनकी राय मांगी गई। यह बैठक दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू के निर्देश पर बुलाई गई।
दिल्ली मास्टर प्लान-2047 में लगभग 17 लाख झुग्गी-बस्ती (जेजे क्लस्टर) में रहने वाले लोगों के 'इन-सीटू' पुनर्वास की योजना है। 'विकसित भारत 2047' के विजन के तहत मास्टर प्लान का मकसद राष्ट्रीय राजधानी को एक ऐसे शहर में बदलना है जो सभी के लिए मौके पैदा करे और किसी को पीछे न छोड़े। यह समावेशी और टिकाऊ शहरी विकास को बढ़ावा देते हुए पुनर्विकास की संभावनाओं को खोलने के लिए एक अनुकूल ढांचा प्रदान करता है।
डीडीए के मुताबिक, इस योजना के तहत पात्र लोगों के लिए उनकी मौजूदा जगहों पर ही आवास और बेहतर शहरी बुनियादी ढांचे के साथ-साथ सुविधाएं दी जाएगी। डीडीए ने बड़े डेवलपर्स और निवेशकों को प्रोजेक्ट से होने वाले फायदे बताए और उनसे सुझाव मांगे कि दिल्ली में इस योजना को सबसे बेहतर तरीके से कैसे लागू किया जाए। दिल्ली मास्टर प्लान 2047 के तहत राजधानी के 17 लाख जेजे क्लस्टर में रहने वाले लोगों का पुनर्वास होगा।
डीडीए ने स्पष्ट किया कि लोगों को वहीं बसाया जाएगा जहां वे रह रहे हैं, लेकिन बेहतर सुविधाओं के साथ। योजना के तहत लोगों को उसी जगह पर पक्का घर, बेहतर सड़क, पानी, बिजली जैसे सुविधाएं दी जाएगी। इसका विकास पीपीपी मॉडल से किया जाएगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / धीरेन्द्र यादव

