सीजेपी की लीगल हेड रत्ना सिंह पर आपराधिक अवमानना की कार्यवाही शुरू करने की मिली सहमति
नई दिल्ली, 04 नवंबर (हि.स.)। दिल्ली सरकार के एडिशनल स्टैंडिंग काउंसिल (क्रिमिनल) अमोल सिन्हा ने कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) की लीगल हेड रत्ना सिंह के खिलाफ आपराधिक अवमानना की कार्यवाही शुरू करने की सहमति दे दी है। वकील कौशिक चटर्जी दिल्ली उच्च न्यायालय में रत्ना सिंह के खिलाफ अवमानना याचिका दाखिल कर सकेंगे। न्यायालय ही इस पर अंतिम फैसला करेगा।
उल्लेखनीय है कि साकेत कोर्ट में सीजेएम अभिनव पांडे की कोर्ट में रत्ना सिंह की याचिका पर सुनवाई हुई थी। रत्ना सिंह ने आरोप लगाया था कि दिल्ली पुलिस ने उन्हें अवैध रूप से हिरासत में लिया और सीईओ ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन में जाने से रोका। उन्होंने पुलिसवालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की थी। न्यायालय ने उनकी मांग खारिज कर दी थी। आदेश के बाद रत्ना सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए जज पर किसी 'आका' / 'मालिक' के इशारे पर काम करने का आरोप लगाया था। वकील कौशिक चटर्जी ने 14 और 28 अक्टूबर को शिकायत देकर कहा कि ये पोस्ट न्यायिक अधिकारी की स्वतंत्रता और निष्पक्षता पर सवाल खड़े करती है और कोर्ट की गरिमा को कम करती है। 2 नवंबर को एडिशनल स्टैंडिंग काउंसिल अमोल सिन्हा ने कहा कि प्रथम दृष्टया ये पोस्ट न्यायालय अवमानना अधिनियम, 1971 की धारा 15(2) के दायरे में आती है। इसलिए क्रिमिनल कंटेंप्ट की कार्यवाही शुरू करने के लिए पर्याप्त आधार है।
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हिन्दुस्थान समाचार / धीरेन्द्र यादव

