मुख्यमंत्री ने असोला भाटी स्थित नीली झील के पास किया योगाभ्यास
नई दिल्ली, 21 जून (हि.स.)। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने रविवार को 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर प्राकृतिक सौंदर्य और जैव विविधता से समृद्ध असोला भाटी के नीली झील क्षेत्र में आयोजित विशेष योग कार्यक्रम में सहभागिता की और नागरिकों के साथ सामूहिक योगाभ्यास किया। इस वर्ष दिल्ली सरकार की ओर से ‘एक दिल्ली, एक योग’ की भावना के साथ राजधानी की सभी 70 विधानसभा क्षेत्रों में एक साथ योग कार्यक्रम आयोजित किए गए।
इसमें हजारों नागरिकों, विद्यार्थियों, युवाओं, महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस अवसर पर राजधानी के विभिन्न हिस्सों में योग के माध्यम से स्वस्थ जीवनशैली और सामूहिक जनभागीदारी का संदेश दिया गया।
इस अवसर पर दिल्ली सरकार के मंत्री सरदार मनजिंदर सिंह सिरसा, दक्षिण दिल्ली से सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी सहित संबंधित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, विद्यार्थी, योग प्रशिक्षक और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि योग भारतीय संस्कृति की वह अमूल्य धरोहर है, जिस पर पूरे देश को गर्व है। वर्ष 2014 में माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा संयुक्त राष्ट्र में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का प्रस्ताव रखा गया था, जिसे विश्व समुदाय ने अभूतपूर्व समर्थन दिया और आज दुनिया के लगभग हर देश में लोग योग को अपने जीवन का हिस्सा बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं है, बल्कि यह हमारी जीवनशैली, हमारी चेतना और शरीर, मन और आत्मा के बीच संतुलन स्थापित करने वाली संपूर्ण जीवन पद्धति है। नियमित योगाभ्यास व्यक्ति को जीवनपर्यंत स्वस्थ और सकारात्मक बनाए रखने का माध्यम है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि असोला भाटी दिल्ली में स्थित प्रकृति का अनमोल उपहार है, जिसके बारे में अभी भी अनेक दिल्ली वासी अनभिज्ञ हैं। नीली झील, दूर-दूर तक फैले हरित वन, विविध प्रकार के पशु-पक्षी और प्राकृतिक वातावरण ऐसा अनुभव कराते हैं मानो व्यक्ति राजधानी से दूर किसी प्राकृतिक पर्यटन स्थल पर हो। यहां तेंदुए, हिरण, नीलगाय, विभिन्न पक्षी प्रजातियां और अन्य वन्यजीव निवास करते हैं और यह स्थान प्रकृति के साथ जुड़ने का अद्भुत अवसर प्रदान करता है।
मुख्यमंत्री ने पर्यावरण एवं वन विभाग की सराहना करते हुए कहा कि असोला क्षेत्र और दक्षिणी रिज में बड़े पैमाने पर पौधारोपण और वन संरक्षण का कार्य किया जा रहा है। पूर्व में जहां मुख्यतः कीकर और बबूल के वृक्ष थे, वहीं अब आम, नीम, पीपल, बरगद जैसे देशी, छायादार और फलदार वृक्ष लगाए जा रहे हैं। ये पशु-पक्षियों के लिए भी उपयोगी सिद्ध होंगे और इस पूरे वन क्षेत्र को और अधिक समृद्ध बनाएंगे।
योग कार्यक्रम के उपरांत मुख्यमंत्री ने सेंचुरी परिसर स्थित ‘विकसित भारत नर्सरी’ का निरीक्षण किया और विभिन्न देशी पौधों, जैव विविधता संवर्धन और हरित क्षेत्र के विस्तार के लिए किए जा रहे प्रयासों की समीक्षा की। उन्होंने असोला क्षेत्र एवं दक्षिणी रिज में चल रहे पौधारोपण कार्यों की प्रगति का भी जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने दिल्लीवासियों का आह्वान करते हुए कहा कि जुलाई माह में मॉनसून के साथ दिल्ली सरकार ‘क्लीन दिल्ली, ग्रीन दिल्ली’ के व्यापक जन अभियान की शुरुआत करेगी। सरकार ने इस वर्ष 70 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया है और इस अभियान का शुभारंभ गृह मंत्री अमित शाह द्वारा किया जाएगा। इसके बाद स्कूलों, कॉलेजों, संस्थानों, सामाजिक संगठनों और प्रत्येक नागरिक की भागीदारी से इसे जन आंदोलन का स्वरूप दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान से प्रेरित होकर प्रत्येक नागरिक को पौधारोपण का संकल्प लेना चाहिए। योग और प्रकृति, दोनों के साथ हमारा जुड़ाव ही स्वस्थ, संतुलित और समृद्ध जीवन का आधार है। उन्होंने दिल्लीवासियों को असोला भाटी आने और इसकी प्राकृतिक संपदा को निकट से देखने के लिए आमंत्रित करते हुए कहा कि प्रकृति के बीच बिताया गया समय व्यक्ति को ऊर्जा, शांति और सकारात्मकता प्रदान करता है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने असोला भाटी वाइल्ड लाइफ सेंचुरी में तैनात 132 इन्फैंट्री बटालियन (टेरिटोरियल आर्मी) ईको राजपूत यूनिट के सैनिकों से भी भेंट की और पर्यावरण संरक्षण तथा वन संपदा के संवर्धन में उनके योगदान की सराहना की।
मुख्यमंत्री ने जवानों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि देश की सीमाओं की रक्षा के साथ-साथ प्रकृति और वन संपदा की सुरक्षा में भी हमारे सैनिक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं, जो अत्यंत प्रेरणादायक है।
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हिन्दुस्थान समाचार / धीरेन्द्र यादव

