मुख्यमंत्री ने की वायु प्रदूषण को कम करने वाले नए उपकरणों की समीक्षा
नई दिल्ली, 23 मई (हि.स.)। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शनिवार को सत गुरु राम सिंह मार्ग से कीर्ति नगर फायर स्टेशन होते हुए मायापुरी चौक तक के क्षेत्र का दौरा करके वायु प्रदूषण को कम करने वाले उपकरणों की समीक्षा की। इस दौरान दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक हरीश खुराना भी मौजूद रहे।
मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर पोस्ट करते हुए बताया कि मुख्यमंत्री के साथ आज दिल्ली सरकार की इनोवेशन चैलेंज के तहत वायु प्रदूषण को कम करने वाले चयनित इनोवेशन देखें, जिनका ट्रायल राजधानी में चल रहा है। उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य दिल्ली में वाहनों से होने वाले वायु प्रदूषण को कम करने के लिए नई और प्रभावी तकनीकों का परीक्षण करना है। उन्होंने कहा कि सभी नवाचार पूरी तरह से मेड इन इंडिया हैं, जो प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘मेक इन इंडिया’ विजन को भी बल देता है।
सिरसा ने कहा कि इस तरह के अलग-अलग पायलट प्रोजेक्ट दिल्ली में लगे हैं। हमारा मकसद है कि कोई भी ऐसे प्रोडक्ट्स और टेक्नोलॉजी हमें मिलती है, जिससे दिल्ली की हवा को साफ किया जा सके, उसके ऊपर काम करने की हमारी यह पहल है।
सिरसा ने बताया कि एसटीआर 101 फिल्टर-लैस एयर प्यूरीफायर की 21 डिवाइस यहां खंभों पर लगाई गई है। यह हर घंटे 3 लाख लीटर हवा साफ करते हैं। यह धूल, तलछट, पीएम 2.5 और हानिकारक गैसों को खत्म करता है। इस साथ ही ईवी-माउंटेड एंटी-स्मॉग गन देश की पहली इलेक्ट्रिक गाड़ी पर लगी एंटी-स्मॉग गन है। यह पानी की बारीक बूंदों से नकली बारिश जैसा माहौल बनाता है हवा के प्रदूषण और धूल को जमीन पर बैठा देती है। उन्होंने कहा कि सड़क के डिवाइडर पर लगे पवन III डिवाइस गाड़ियों से निकलने वाले तलछट को तुरंत खींचकर साफ करता है।
सिरसा ने बताया कि शुद्धवायु वाहन-माउंटेड एयर फिल्टर है, यह गाड़ियों पर लगने वाला डिटेचेबल डिवाइस चलती हुई कार को एक मोबाइल एयर प्यूरीफायर्स में बदल देता है, जो सड़क पर चलते-चलते हवा से पीएम10 और पीएम 2.5 को सोखकर साफ करता है। यह पूरी टेस्टिंग एनपीएल और आईसीएटी की कड़ी निगरानी में हो रही है। हमारी कोशिश है कि प्रदूषण कम करने के लिए इन नई तकनीकों को पूरी गंभीरता से परखा जाए। ट्रायल पूरा होने के बाद, जो भी समाधान सबसे ज्यादा असरदार साबित होंगे, उनकी साइंटिफिक प्रूवन के आधार पर उन्हें बड़े स्तर पर लागू करने की आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / धीरेन्द्र यादव

