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बेटियों को साइकिल देने की योजना विपक्ष को हजम नहीं हो रही : रेखा गुप्ता

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बेटियों को साइकिल देने की योजना विपक्ष को हजम नहीं हो रही : रेखा गुप्ता


नई दिल्ली, 10 अगस्त (हि.स.)। दिल्ली विधानसभा के मॉनसून सत्र के दूसरे दिन सोमवार को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सदन में बेटियों को साइकिल देने की योजना पर विपक्षी नेताओं की कथित टिप्पणियों पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि विपक्ष की ऐसी सोच और शब्दों पर शर्मिंदगी होती है, जिसमें बेटियों को साइकिल देने को चुनाव प्रचार से जोड़कर देखा गया। ऐसे नेताओं को बेटियों की शिक्षा, भविष्य और जरूरतें नहीं, बल्कि उनमें चुनाव प्रचार दिखाई देता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि साइकिल योजना का उद्देश्य बेटियों को विद्या वाहिनी के माध्यम से आसानी से विद्यालय पहुंचने में मदद करना, उनकी पढ़ाई जारी रखना और स्कूल छोड़ने की दर कम करना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने लाखों बेटियों को साइकिल देने की योजना बनाई है, लेकिन विपक्ष को यह उपलब्धि हजम नहीं हो रही है। विपक्ष को वास्तव में इस बात की तकलीफ है कि दिल्ली सरकार अपने करीब सवा साल के कार्यकाल में अपने वादों को तेजी से पूरा कर रही है। सरकार ने अपना एक भी वादा नहीं छोड़ा है और वह इस बात को स्पष्ट रूप से सामने रखना चाहती हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली की बेटियां सरकार के लिए एक बड़ी जिम्मेदारी हैं। सरकार चाहती है कि हर बेटी सशक्त बने, मजबूत बने, आत्मनिर्भर बने और अपने सपनों को जी सके। इसी उद्देश्य से बेटियों के लिए अनेक योजनाएं शुरू की गई हैं ताकि हर बेटी वह बन सके जो वह बनना चाहती है, अपनी पढ़ाई पूरी कर सके और गर्व के साथ कह सके, (फर्स्ट इन माय ब्लडलाइन)। ऐसे अवसर सरकार के लिए गर्व का विषय हैं, क्योंकि यह इस बात का प्रमाण है कि दिल्ली की बेटियां आगे बढ़ रही हैं और सशक्त हो रही हैं।

मुख्यमंत्री ने विपक्ष द्वारा बसों में उत्तर प्रदेश, बिहार और अन्य राज्यों की महिलाओं को लेकर उठाए गए सवाल का भी जवाब दिया। उन्होंने कहा कि दिल्ली की बहनों के लिए पिंक कार्ड बनाए जा रहे हैं। पिछली सरकार के लोग दिल्ली में रहते हुए देश की राजनीति करते थे और पूरे देश में सत्ता हासिल करने की राजनीति करते थे। वर्तमान सरकार ऐसा काम नहीं करती। उनका स्पष्ट मत है कि दिल्ली की जनता का पैसा दिल्ली में ही खर्च होना चाहिए और उसका लाभ दिल्ली के लोगों को ही मिलना चाहिए। दिल्ली के टैक्सपेयर्स के पैसे को कहीं और खर्च नहीं किया जा सकता क्योंकि दिल्ली सरकार की दिल्ली के टैक्सपेयर्स के प्रति जवाबदेही है।

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हिन्दुस्थान समाचार / धीरेन्द्र यादव