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मुख्यमंत्री ने नागरिकों से किया संवाद, समस्याओं के त्वरित निस्तारण के दिए निर्देश

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मुख्यमंत्री ने नागरिकों से किया संवाद, समस्याओं के त्वरित निस्तारण के दिए निर्देश


नई दिल्ली, 03 जून (हि.स.)। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बुधवार को मुख्यमंत्री जन सेवा सदन में आयोजित जनसुनवाई कार्यक्रम के दौरान राजधानी के विभिन्न क्षेत्रों से आए नागरिकों से सीधे संवाद किया। मुख्यमंत्री ने उनकी समस्याओं, शिकायतों और सुझावों को गंभीरता से सुना। इस दौरान बड़ी संख्या में नागरिक अपनी व्यक्तिगत, सामाजिक और प्रशासनिक समस्याओं को लेकर जन सेवा सदन पहुंचे रहे। मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को मामलों के तुरंत और प्रभावी समाधान के लिए आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनसुनवाई केवल शिकायत दर्ज कराने का माध्यम नहीं बल्कि सरकार और जनता के बीच विश्वास, संवाद और जवाबदेही को मजबूत करने का अहम मंच है। यह जानकारी बुधवार को एक विज्ञप्ति के जरिए दी गई।

जनसुनवाई के दौरान नागरिकों ने दिल्ली नगर निगम, पुलिस, शिक्षा, सामाजिक कल्याण, राजस्व और अन्य विभागों से संबंधित विभिन्न समस्याएं मुख्यमंत्री के सामने रखी गईं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से मामलों की विस्तृत जानकारी प्राप्त कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

इस दौरान एक मामले में नगर निगम से जुड़ी समस्या लेकर आए नागरिकों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि लंबित मामलों की प्राथमिकता के आधार पर समीक्षा कर उचित समाधान सुनिश्चित किया जाए। वहीं, शिक्षा से संबंधित विषय लेकर पहुंची एक महिला ने अपने बच्चों की पढ़ाई में आ रही कठिनाइयों से मुख्यमंत्री को अवगत कराया, जिस पर मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को तत्काल आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

इसी प्रकार एक महिला ने बैंकिंग और पारिवारिक विवाद से जुड़े मामले में अपनी समस्या मुख्यमंत्री के समक्ष रखी। मुख्यमंत्री ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कानूनी एवं प्रशासनिक सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार अंत्योदय की भावना के साथ कार्य करते हुए समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक राहत, सुविधा और न्याय पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। जनसुनवाई के माध्यम से प्राप्त सुझाव और शिकायतें सरकार के लिए महत्वपूर्ण फीडबैक का कार्य करती हैं। इनसे न केवल व्यक्तिगत समस्याओं का समाधान होता है, बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था में सुधार के अवसर भी प्राप्त होते हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / धीरेन्द्र यादव