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कुलजीत सिंह चहल ने नवयुग स्कूल में 'विकसित भारत अनुभवशाला' का किया शुभारंभ

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कुलजीत सिंह चहल ने नवयुग स्कूल में 'विकसित भारत अनुभवशाला' का किया शुभारंभ


नई दिल्ली, 31 जुलाई (हि.स.)। नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएमसी) के उपाध्यक्ष कुलजीत सिंह चहल ने शुक्रवार को नवयुग स्कूल, सरोजिनी नगर में 'विकसित भारत अनुभवशाला' (एआर एवं वीआर लैब) का उद्घाटन किया।

उद्घाटन के बाद कुलजीत सिंह चहल ने कहा कि यह अत्याधुनिक अनुभवात्मक शिक्षण केंद्र विद्यार्थियों को नई तकनीकों से जोड़ते हुए सीखने की प्रक्रिया को अधिक रोचक, व्यावहारिक और प्रभावी बनाएगा। उन्होंने कहा कि यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 की भावना के अनुरूप अनुभवात्मक शिक्षा, नवाचार, रचनात्मकता तथा भविष्य उन्मुख शिक्षण को बढ़ावा देती है। उन्होंने कहा कि होमी लैब के साथ यह साझेदारी एनडीएमसी स्कूलों के विद्यार्थियों तक विश्वस्तरीय अनुभवात्मक शिक्षा पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है जिसका उद्देश्य विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक आधारित अनुभवात्मक शिक्षा उपलब्ध कराना तथा उन्हें 21वीं सदी की चुनौतियों और अवसरों के लिए तैयार करना है।

उपाध्यक्ष ने बताया कि यह लैब अत्याधुनिक तकनीक, भविष्य उन्मुख वातावरण तथा सीबीएसई के 70 से अधिक पाठ्यक्रम एवं सह-पाठ्यक्रम विषयों पर आधारित विशेष डिजिटल सामग्री से सुसज्जित है। यहां विद्यार्थी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), क्वांटम कंप्यूटिंग, रोबोटिक्स, अंतरिक्ष विज्ञान तथा नैनो टेक्नोलॉजी जैसी उभरती तकनीकों को आधुनिक एवं अनुभवात्मक माध्यम से समझ सकेंगे।

चहल ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस केवल पढ़ने का विषय नहीं है, बल्कि इसे सीखने की पूरी प्रक्रिया का हिस्सा बनाया गया है। विद्यार्थी जहां एआई मॉडल कैसे तैयार होते हैं और कैसे कार्य करते हैं, यह समझेंगे, वहीं एआई आधारित शिक्षण प्रणाली उनके सीखने के अनुभव को अधिक रोचक, सहभागितापूर्ण, व्यक्तिगत तथा प्रभावी बनाएगी।

उन्होंने कहा कि विकसित भारत अनुभवशाला पारंपरिक कक्षा शिक्षण को अनुभवात्मक शिक्षण में बदलने का कार्य करेगी। जिन वैज्ञानिक अवधारणाओं को सामान्य कक्षा में समझना कठिन होता है, उन्हें पहले एनिमेशन, इंटरैक्टिव प्रस्तुतियों एवं सिमुलेशन के माध्यम से समझाया जाएगा और उसके बाद विद्यार्थी उन्हें आधुनिक तकनीक की सहायता से स्वयं अनुभव करेंगे।

चहल ने कहा कि विकसित भारत अनुभवशाला प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत @2047 के विजन तथा डबल एआई के आह्वान से प्रेरित है। उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, नवाचार, रचनात्मकता और तकनीकी दक्षता विकसित करना है, ताकि वे विकसित भारत के निर्माण में आत्मविश्वास के साथ अपनी भूमिका निभा सकें। इस अवसर पर उन्होंने विद्यार्थियों से संवाद भी किया तथा एआई आधारित शिक्षण गतिविधियों में उनकी जिज्ञासा, उत्साह और नई तकनीकों के प्रति रुचि की सराहना की।

उन्होंने एनडीएमसी की निदेशक (शिक्षा) कृतिका चौधरी के दूरदर्शी नेतृत्व एवं शिक्षा क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देने के प्रयासों की सराहना की।

कार्यक्रम एनडीएमसी की निदेशक (शिक्षा) कृतिका चौधरी ने कहा कि यह सहयोग विद्यालयी शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि दिल्ली के सरकारी विद्यालयों में अपनी तरह की पहली एआई, एआर एवं वीआर आधारित अनुभवशाला के माध्यम से विद्यार्थियों को अनुभवात्मक, व्यावहारिक एवं तकनीक आधारित शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे उनमें जिज्ञासा, रचनात्मकता तथा भविष्य के अनुरूप कौशल विकसित होंगे।

उन्होंने बताया कि नवयुग स्कूल, सरोजिनी नगर की एआर एवं वीआर लैब दिल्ली के विद्यालयों में एक अग्रणी पहल है। आठ वीआर हेडसेट से सुसज्जित यह लैब कक्षा 6 से 10 तक के विद्यार्थियों को अनुभवात्मक शिक्षा प्रदान करेगी। उन्होंने बताया कि विद्यार्थी 3-डी सिमुलेशन के माध्यम से ऐतिहासिक स्मारकों, संग्रहालयों, सौरमंडल, मानव शरीर रचना, पर्यावरणीय तंत्र तथा भारत की सांस्कृतिक विरासत का अनुभव कर सकेंगे। इसके साथ ही वे वर्चुअल विज्ञान प्रयोग, गणितीय अवधारणाओं का दृश्यात्मक अध्ययन तथा कौशल आधारित एवं सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में भी भाग ले सकेंगे।

उन्होंने कहा कि ये अनुभव विद्यार्थियों के लिए कठिन विषयों को सरल और वास्तविक जीवन से जोड़ते हैं। इससे उनकी जिज्ञासा, आत्मविश्वास, सहभागिता, अवधारणात्मक समझ तथा सीखने की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

कार्यक्रम के समापन पर कुलजीत सिंह चहल ने एनडीएमसी शिक्षा विभाग, नवयुग स्कूल के प्रधानाचार्य, शिक्षकों एवं समस्त स्टाफ तथा होमी लैब की पूरी टीम को इस अभिनव पहल को सफलतापूर्वक स्थापित करने के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने विद्यार्थियों को भी शुभकामनाएं देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि विकसित भारत अनुभवशाला उन्हें बड़े सपने देखने, नवाचार करने तथा भविष्य के वैज्ञानिक, नवप्रवर्तक, उद्यमी और राष्ट्र निर्माता बनने के लिए प्रेरित करेगी तथा वे विकसित भारत @2047 के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।

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हिन्दुस्थान समाचार / माधवी त्रिपाठी