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बुराड़ी विधानसभा में 39.4 फीसदी मतदाता घटे, संजीव झा ने चुनाव आयोग पर उठाए सवाल

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बुराड़ी विधानसभा में 39.4 फीसदी मतदाता घटे, संजीव झा ने चुनाव आयोग पर उठाए सवाल


नई दिल्ली, 01 सितंबर (हि.स.)। आम आदमी पार्टी (आआपा) के वरिष्ठ नेता और बुराड़ी से विधायक संजीव झा ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत मतदाता सूची से बड़े पैमाने पर नाम हटाए जाने पर आपत्ति जताई है। उन्होंने दावा किया कि बुराड़ी विधानसभा क्षेत्र में ड्राफ्ट मतदाता सूची में 39.4 फीसदी मतदाताओं की संख्या कम हो गई है। उन्होंने चुनाव आयोग से नाम हटाए जाने के कारणों और प्रभावित मतदाताओं के लिए दोबारा नाम जुड़वाने की प्रक्रिया स्पष्ट करने की मांग की।

संजीव झा ने मंगलवार को कहा कि पहले बुराड़ी विधानसभा क्षेत्र में कुल 4,26,451 मतदाता थे, लेकिन ड्राफ्ट रोल में यह संख्या घटकर 2,52,189 रह गई है। उन्होंने कहा कि करीब 1,67,885 मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं। उन्होंने दावा किया कि हटाए गए नामों में बड़ी संख्या के आगे ‘शिफ्टेड’ लिखा गया है।

उन्होंने सवाल उठाया कि क्या इस प्रक्रिया में किरायेदारों और दूसरे स्थानों से आकर दिल्ली में रहने वाले नागरिकों के मताधिकार पर असर पड़ रहा है। झा ने कहा कि किरायेदार और प्रवासी आबादी अक्सर आवास बदलती है, ऐसे में केवल ‘शिफ्टेड’ के आधार पर बड़ी संख्या में नाम हटाए जाने को लेकर स्थिति स्पष्ट होनी चाहिए।

आआपा नेता ने बताया कि पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल चुनाव आयोग से मिला था। प्रतिनिधिमंडल ने आयोग से ‘शिफ्टेड’ दिखाए गए मतदाताओं का डेटा उपलब्ध कराने की मांग की थी, ताकि पार्टी स्तर पर फोन के माध्यम से इसकी वास्तविकता की जांच की जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि कई स्थानों पर बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) का काम पूरा नहीं हुआ है और जहां 50 फीसदी से कम काम हुआ है, वहां बैठक कर इसके कारणों की समीक्षा की जानी चाहिए।

झा ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग की जिम्मेदारी यह सुनिश्चित करना है कि किसी योग्य नागरिक का मताधिकार न छूटे। उन्होंने कहा कि जिन लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं, उन्हें दावा-आपत्ति दर्ज कराने और अपना नाम दोबारा जुड़वाने की प्रक्रिया की स्पष्ट जानकारी दी जानी चाहिए।

उन्होंने चुनाव आयोग से इस संबंध में व्यापक स्तर पर जागरूकता अभियान चलाने की मांग की, ताकि प्रभावित मतदाताओं को समय रहते अपनी स्थिति की जानकारी मिल सके और वे निर्धारित प्रक्रिया के तहत अपना नाम फिर से मतदाता सूची में शामिल करा सकें।

उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में प्रत्येक योग्य नागरिक का वोट महत्वपूर्ण है और मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया में यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि किसी भी पात्र नागरिक का मताधिकार प्रभावित न हो।

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हिन्दुस्थान समाचार / माधवी त्रिपाठी