home page

संविधान हत्या दिवस लोकतंत्र की रक्षा के प्रति अटूट प्रतिबद्धता का प्रतीक : मुख्यमंत्री

 | 
संविधान हत्या दिवस लोकतंत्र की रक्षा के प्रति अटूट प्रतिबद्धता का प्रतीक : मुख्यमंत्री


नई दिल्ली, 26 जून (हि.स.)। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शुक्रवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आज राष्ट्र लोकतंत्र सेनानियों के साहस और बलिदान को नमन करते हुए ‘संविधान सर्वोपरि है और रहेगा’ का संकल्प दोहरा रहा है। उन्होंने कहा कि संविधान हत्या दिवस आपातकाल के काले अध्याय को कभी न भूलने और लोकतंत्र की रक्षा के प्रति हमारी अटूट प्रतिबद्धता का प्रतीक है।

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की दिल्ली प्रदेश इकाई ने शुक्रवार 51वीं वर्षगांठ पर शुक्रवार को नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएमसी) कन्वेंशन सेंटर में “संविधान हत्या दिवस” के अवसर पर आपातकाल काला दिवस सेमीनार का आयोजन किया। इस अवसर पर आपातकाल में बंदी रहे कार्यकर्ताओं का दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, पूर्व शिक्षा मंत्री स्मृति इरानी और दिल्ली भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने अभिनंदन किया।

इस दौरान सभी ने लोकतंत्र की रक्षा, नागरिक अधिकारों के महत्व और आपातकाल के दौरान हुए संघर्षों को याद करते हुए उन कठिन दिनों से सीख लेकर लोकतांत्रिक मूल्यों को सुदृढ़ बनाए रखने का संकल्प लिया।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि 25 जून 1975 भारतीय लोकतंत्र का वह काला अध्याय है, जब कांग्रेस ने सत्ता बचाने और एक परिवार के राजनीतिक हितों के लिए देश पर आपातकाल थोप दिया। संविधान की भावना को आघात पहुंचाया गया, नागरिक स्वतंत्रताओं का दमन हुआ और लोकतंत्र की आवाज दबाने का प्रयास किया गया।

कार्यक्रम में भाजपा संसदीय बोर्ड के सदस्य सत्यनारायण जटिया, सांसद रामवीर बिधूड़ी, योगेंद्र चांदोलिया, बांसुरी स्वराज, विधायक अभय वर्मा और स्थायी समिति अध्यक्ष सत्या शर्मा सहित अन्य गणमान्य जन उपस्थित रहे।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / माधवी त्रिपाठी