गणतंत्र दिवस सुरक्षा में दिल्ली पुलिस की अनोखी पहल, एआई स्मार्ट चश्मों से होगी अपराधियों की पहचान
नई दिल्ली, 21 जनवरी (हि.स.)। गणतंत्र दिवस के मद्देनज़र सुरक्षा व्यवस्था को और पुख्ता करने के लिए दिल्ली पुलिस इस बार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित स्मार्ट चश्मों का इस्तेमाल करेगी। इन चश्मों में फेशियल रिकग्निशन सिस्टम (एफआरएस) लगा है, जो पुलिस के आपराधिक डेटाबेस से सीधे जुड़ा रहेगा और मौके पर ही संदिग्ध या वांछित अपराधियों की पहचान कर सकेगा।
नई दिल्ली जिले के पुलिस उपायुक्त देवेश महला ने प्रेस वार्ता कर बताया कि ये स्मार्ट चश्मे भीड़भाड़ वाले इलाकों में किसी व्यक्ति के चेहरे को स्कैन कर कुछ ही सेकंड में उसे पुलिस रिकॉर्ड से मिलान करेंगे। जैसे ही कोई मिलान होता है, चश्मा पहनने वाले पुलिसकर्मी को तुरंत अलर्ट मिल जाएगा, जिससे बिना किसी देरी के कार्रवाई की जा सकेगी।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि यह तकनीक मौके पर पहचान की प्रक्रिया को और तेज करेगी और मैन्युअल जांच पर निर्भरता कम होगी। इससे ड्यूटी पर तैनात कर्मियों की सतर्कता और प्रतिक्रिया क्षमता दोनों बढ़ेंगी। यह पहल दिल्ली पुलिस की व्यापक तकनीक-आधारित सुरक्षा रणनीति का हिस्सा है, जिसमें सीसीटीवी कैमरों की निगरानी, ड्रोन सर्विलांस, फेशियल रिकग्निशन सॉफ्टवेयर और एआई आधारित एनालिटिक्स शामिल हैं। यह दिल्ली पुलिस पहली बार इस्तेमाल कर रही है।
पुलिस अधिकारी के अनुसार परेड रूट, एंट्री प्वाइंट्स, सार्वजनिक दर्शक स्थल और ट्रांजिट हब पर तैनात पुलिसकर्मी इन स्मार्ट चश्मों का उपयोग करेंगे। पुलिस का कहना है कि इस कदम से गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान सुरक्षा और सुचारु व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।इसमें करीब 65 हजार से ज्यादा आपराधिकलोगों का डेटा इसमें अपलोड किया गया है।
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हिन्दुस्थान समाचार / कुमार अश्वनी

