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परीक्षा माफिया पर फास्ट ट्रैक कोर्ट और कठोर कानून के आश्वासन का अभाविप ने किया स्वागत

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परीक्षा माफिया पर फास्ट ट्रैक कोर्ट और कठोर कानून के आश्वासन का अभाविप ने किया स्वागत


नई दिल्ली, 24 जुलाई (हि.स.)। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) ने परीक्षा प्रणाली की शुचिता, पारदर्शिता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करने के लिए सरकार द्वारा परीक्षा माफिया के विरुद्ध फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन, प्रशासनिक बदलाव तथा कठोर कानून लाने के आश्वासन का स्वागत किया है। परिषद ने इन कदमों को समयोचित और आवश्यक बताते हुए कहा कि इसके बाद सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक द्वारा 26 दिनों से जारी भूख हड़ताल समाप्त करने का निर्णय संवाद और सकारात्मक समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

अभाविप ने शुक्रवार को जारी बयान में कहा कि वह प्रारंभ से ही परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, जवाबदेही तथा पेपर लीक जैसी गंभीर समस्याओं की रोकथाम के लिए व्यापक संस्थागत और संरचनात्मक सुधारों की मांग करती रही है। परिषद के अनुसार, परीक्षा माफिया के विरुद्ध त्वरित एवं कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन, परीक्षा व्यवस्था को अधिक उत्तरदायी बनाने के उद्देश्य से किए गए प्रशासनिक परिवर्तन तथा प्रधानमंत्री मोदी द्वारा परीक्षा की शुचिता सुनिश्चित करने के लिए कठोर कानून लाने का आश्वासन दूरगामी परिणाम देने वाले कदम हैं।

परिषद ने कहा कि अब आवश्यकता है कि इन पहलों को व्यापक सुधारों के साथ आगे बढ़ाया जाए। अभाविप ने अपनी पूर्व मांग दोहराते हुए परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए एक उच्च स्तरीय समिति गठित करने की अपील की, जो समयबद्ध तरीके से आवश्यक सुधारों की संस्तुतियां प्रस्तुत करे और परीक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, विश्वसनीय, जवाबदेह एवं विद्यार्थी-केंद्रित बनाए।

अभाविप के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. वीरेंद्र सिंह सोलंकी ने कहा कि परीक्षा माफिया के विरुद्ध फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन, प्रशासनिक परिवर्तन और दोषियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई का आश्वासन समय की मांग के अनुरूप है। उन्होंने कहा कि इन निर्णयों के बाद सोनम वांगचुक द्वारा भूख हड़ताल समाप्त करने का निर्णय विद्यार्थियों के हित में संवाद और सकारात्मक समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

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हिन्दुस्थान समाचार / माधवी त्रिपाठी