home page

एनटीए सुधारों के लिए गठित उच्च स्तरीय टास्क फोर्स का अभाविप ने किया स्वागत

 | 
एनटीए सुधारों के लिए गठित उच्च स्तरीय टास्क फोर्स का अभाविप ने किया स्वागत


नई दिल्ली, 27 जुलाई (हि.स.)। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) में व्यापक एवं संस्थागत सुधार सुनिश्चित करने हेतु केंद्र सरकार द्वारा उच्च स्तरीय टास्क फोर्स के गठन का स्वागत किया। संगठन ने इसे परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी, विश्वसनीय और विद्यार्थी-केंद्रित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

अभाविप ने बताया कि नीट-यूजी सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में सामने आई अनियमितताओं के उपरांत अभाविप प्रारंभ से ही परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, जवाबदेही एवं विश्वसनीयता सुनिश्चित करने के लिए व्यापक संस्थागत सुधारों की मांग करती रही है।

अभाविप ने प्रतियोगी परीक्षाओं की संपूर्ण व्यवस्था की समीक्षा कर समयबद्ध एवं ठोस सुधारों की संस्तुति हेतु उच्च स्तरीय समिति के गठन की मांग प्रमुखता से उठाई थी। ऐसे में उच्च स्तरीय टास्क फोर्स का गठन विद्यार्थियों के हित में एक महत्वपूर्ण एवं स्वागतयोग्य निर्णय है।

अभाविप ने विश्वास जताया कि परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता केवल दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई तक सीमित नहीं रह सकती बल्कि इसके हेतु संस्थागत, संरचनात्मक, तकनीकी एवं प्रशासनिक बदलाव तथा उनका प्रभावी क्रियान्वयन भी उतना ही महत्वपूर्ण है।

संगठन का कहना है कि कुछ दिनों में परीक्षा माफिया के विरुद्ध फास्ट ट्रैक न्यायालयों की स्थापना, को प्रशासनिक परिवर्तन, कठोर विधायी प्रावधानों की पहल तथा अब राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी में व्यापक सुधारों हेतु सरकार द्वारा प्रौद्योगिकी विशेषज्ञ तथा इन्फोसिस के सह-संस्थापक नंदन नीलेकणी की अध्यक्षता में गठित उच्च स्तरीय टास्क फोर्स इस दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

इस टास्क फोर्स में पूर्व इसरो अध्यक्ष डॉ. एस. सोमनाथ, पूर्व आईबी निदेशक तपन डेका, आईआईटी मद्रास के निदेशक प्रो. वी. कामकोटि, पूर्व शिक्षा सचिव अनीता करवाल तथा लॉजिस्टिक्स विशेषज्ञ अमृत लाल मीणा जैसे अनुभवी विशेषज्ञों को सम्मिलित किया गया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह टास्क फोर्स समयबद्ध रूप से अपनी अनुशंसाएं प्रस्तुत कर परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित, उत्तरदायी एवं विद्यार्थी-केंद्रित बनाने की दिशा में ठोस सुधार सुनिश्चित करेगी।

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. वीरेंद्र सिंह सोलंकी ने कहा कि देश का प्रत्येक विद्यार्थी यह विश्वास लेकर परीक्षा देता है कि उसकी मेहनत का मूल्यांकन निष्पक्ष एवं पारदर्शी व्यवस्था के माध्यम से होगा। ऐसे में परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता बनाए रखना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी में व्यापक सुधारों के लिए उच्च स्तरीय टास्क फोर्स का गठन विद्यार्थियों के हित में एक महत्वपूर्ण पहल है।

-----------------

हिन्दुस्थान समाचार / माधवी त्रिपाठी