अभाविप की डीयू इकाई ने 12 सूत्रीय मांगों को लेकर निकाला 'छात्र अधिकार मार्च'
नई दिल्ली, 21 अप्रैल (हि.स.)। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) की दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) इकाई ने मंगलवार को विश्वविद्यालय के खिलाफ अपनी 12 सूत्रीय मांगों को लेकर परिसर में एक विशाल 'छात्र अधिकार मार्च' निकाला। यह मार्च स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग से शुरू होकर नॉर्थ कैंपस के आर्ट्स फैकल्टी पर जाकर संपन्न हुआ। अभाविप के दिल्ली प्रदेश मंत्री सार्थक शर्मा के नेतृत्व में विभिन्न कॉलेजों के छात्र-छात्राओं ने इस प्रदर्शन में हिस्सा लिया।
अभाविप की दिल्ली विश्वविद्यालय प्रशासन के समक्ष 12 प्रमुख मांगें निम्न लिखित हैं-
हॉस्टल आवंटन: विश्वविद्यालय में एक 'केंद्रीकृत छात्रावास आवंटन प्रणाली' (Centralized Hostel Allocation System) को शीघ्र लागू करने की मांग।
फीस नीति: पीजी पाठ्यक्रमों के लिए 'एक कोर्स, एक फीस' नीति लागू करना और कॉलेजों द्वारा की गई मनमानी फीस वृद्धि को वापस लेना।
सुरक्षा और समितियां: सभी कॉलेजों में आंतरिक शिकायत समितियों (ICC) का प्रभावी गठन और कार्यान्वयन सुनिश्चित करना।
इंफ्रास्ट्रक्चर: विश्वविद्यालय को 'पोर्टा केबिन' मुक्त बनाना और बुनियादी ढांचे में सुधार करना।
छात्र कल्याण: एससी/एसटी/ओबीसी छात्रों के लिए छात्रवृत्ति और हर कॉलेज में मनोवैज्ञानिकों व स्त्री रोग विशेषज्ञों की नियुक्ति।
अन्य मुद्दे: परीक्षा नीतियों में सुधार और छात्र अधिकारों की रक्षा के लिए प्रशासनिक उदासीनता को खत्म करना।
अभाविप दिल्ली प्रांत मंत्री सार्थक शर्मा ने कहा कि आज का यह 'छात्र अधिकार मार्च' दिल्ली विश्वविद्यालय प्रशासन की उदासीनता के विरुद्ध छात्रों का एक निर्णायक शंखनाद है। अभाविप ने जिन 12 मांगों को उठाया है, वे छात्रों के भविष्य और उनकी सुरक्षा से जुड़ी हुई हैं। आज आंदोलन के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर यह मांग की कि यदि प्रशासन इन 12 मांगों पर तत्काल सकारात्मक कदम नहीं उठाता है, तो अभाविप छात्र हितों की रक्षा के लिए और भी उग्र आंदोलन करेगी। अभाविप विश्वविद्यालय को पूरी तरह सुरक्षित, समावेशी और छात्र-केंद्रित बनाने के संकल्प से पीछे नहीं हटेगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / माधवी त्रिपाठी

