आआपा पार्षदों ने महापौर कार्यालय के बाहर किया प्रदर्शन, चुनाव रद्द कर 35 सदस्यीय समिति बनाने की मांग
नई दिल्ली, 03 सितंबर (हि.स.)। आम आदमी पार्टी (आआपा) के निगम पार्षदों ने गुरुवार को अनुसूचित जाति-जनजाति कल्याण समिति का चुनाव कथित तौर पर निर्धारित समय से पहले कराए जाने के विरोध में सिविक सेंटर स्थित महापौर कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। आप पार्षदों ने चुनाव को रद्द कर समिति का पुनर्गठन करने की मांग की।
दिल्ली नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष अंकुश नारंग ने आरोप लगाया कि समिति का चुनाव अपराह्न तीन बजे निर्धारित था, लेकिन इसे करीब दस मिनट पहले ही करा दिया गया। उन्होंने कहा कि समिति में सदस्यों की संख्या 35 से घटाकर 21 किए जाने को लेकर आप की ओर से पहले ही निगम को पत्र देकर आपत्ति दर्ज कराई गई थी।
नारंग ने कहा कि आआपा की मांग है कि चुनाव को निरस्त कर समिति में सदस्यों की संख्या पूर्ववत 35 की जाए और इसके बाद नियमानुसार चुनाव कराया जाए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विरोध दर्ज कराने पहुंचे पार्षदों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
आआपा की एमसीडी सह-प्रभारी प्रीति डोगरा ने कहा कि समिति में सदस्यों की संख्या कम किए जाने से दलित पार्षदों के प्रतिनिधित्व पर असर पड़ा है। उन्होंने दावा किया कि आप के पास दलित पार्षदों की संख्या अधिक होने के कारण पार्टी को समिति में बहुमत मिलने की संभावना थी। उन्होंने समिति को भंग कर 35 सदस्यों के साथ दोबारा गठित करने की मांग की।
निगम पार्षद सारिका चौधरी ने कहा कि एससी-एसटी कल्याण समिति में दलित पार्षद अपने क्षेत्रों से जुड़े सामाजिक एवं जनहित के मुद्दे उठाते हैं। उन्होंने समिति के गठन और चुनाव की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए इसे दोबारा कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि मांग नहीं मानी गई तो पार्टी न्यायालय का रुख करेगी।
निगम पार्षद मोहिनी जिनवाल ने भी चुनाव के समय को लेकर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि आप पार्षदों की मांग है कि चुनाव रद्द कर 35 सदस्यीय समिति का पुनर्गठन किया जाए। उन्होंने कहा कि पार्टी दलित पार्षदों के प्रतिनिधित्व से जुड़े इस मुद्दे को आगे भी उठाएगी।
प्रदर्शन के दौरान आआपा पार्षदों ने महापौर कार्यालय के बाहर नारेबाजी की और समिति के चुनाव की प्रक्रिया पर पुनर्विचार करने की मांग की।
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हिन्दुस्थान समाचार / माधवी त्रिपाठी

