आआपा ने दिल्ली सरकार के खिलाफ सीपीसीबी और सीएक्यूएम में दर्ज कराई शिकायत
नई दिल्ली, 04 नवंबर (हि.स.)। आम आदमी पार्टी (आआपा) ने दिल्ली में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) के आंकड़ों में कथित हेरफेर को लेकर बुधवार को दिल्ली सरकार के खिलाफ केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) और वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है।
आआपा के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने दिल्ली सरकार पर आरोप लगाया कि राजधानी में प्रदूषण की वास्तविक स्थिति को छिपाने के लिए एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशनों के आंकड़ों के साथ जानबूझकर छेड़छाड़ की जा रही है।
भारद्वाज ने शिकायत में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा की भूमिका की भी जांच कराने की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली में एक्यूआई के आंकड़ों को कृत्रिम रूप से कम दिखाने के लिए सुनियोजित तरीके से काम किया जा रहा है, जिससे लाखों लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है। उन्होंने शिकायत में 3 नवंबर को जहांगीरपुरी स्थित आईटीआई के पास लगे कंटीन्यूअस एम्बिएंट एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशन (सीएएक्यूएमएस) का वीडियो भी साक्ष्य के तौर पर पेश किया।
भारद्वाज ने बताया कि वीडियो में निगरानी स्टेशन पर सीधे पानी का छिड़काव होता दिखाई दे रहा है। इसी तरह बुराड़ी के विधायक संजीव झा द्वारा भी 3 नवंबर को अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर एक अन्य वीडियो साझा किया गया। आआपा ने आरोप लगाया कि एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग सेंसर के आसपास पानी का छिड़काव करने से पीएम 2.5 और पीएम 10 के आंकड़े प्रभावित हो सकते हैं और वास्तविक प्रदूषण स्तर से कम एक्यूआई दर्ज हो सकता है।
भारद्वाज ने शिकायत में कहा कि जहांगीरपुरी की घटना कोई अकेली घटना नहीं है, बल्कि दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में एक्यूआई मॉनिटरिंग व्यवस्था में कथित गड़बड़ियों का हिस्सा हो सकती है।
आआपा प्रदेश अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि यदि एक्यूआई के आंकड़ों को वास्तविकता से कम दिखाया जाता है तो इसका असर ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रेप) के तहत लागू होने वाले प्रदूषण नियंत्रण उपायों पर भी पड़ सकता है। इससे भारी वाहनों पर प्रतिबंध, औद्योगिक गतिविधियों पर नियंत्रण और धूल प्रदूषण रोकने जैसे जरूरी कदम प्रभावित हो सकते हैं।
आआपा ने सीपीसीबी और सीएक्यूएम से दिल्ली के सभी सीएएक्यूएमएस केंद्रों पर कथित भौतिक छेड़छाड़ की स्वतंत्र एवं उच्चस्तरीय जांच कराने, डीपीसीसी के डेटा अधिग्रहण सिस्टम एवं निगरानी केंद्रों का स्वतंत्र ऑडिट कराने, गड़बड़ी में शामिल दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता एवं पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा की भूमिका की जांच कर जिम्मेदारी तय किए जाने की मांग की। भारद्वाज ने कहा कि वह जांच एजेंसियों के सामने सभी संबंधित वीडियो और डिजिटल साक्ष्य पेश करने के लिए तैयार हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / माधवी त्रिपाठी

