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समुद्री सुरक्षा हालात के बीच भारतीय नाविकों की सुरक्षा पर सरकार अलर्ट

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समुद्री सुरक्षा हालात के बीच भारतीय नाविकों की सुरक्षा पर सरकार अलर्ट


- एमटी सेटेबेलो हमले में तीन भारतीयों की मौत के बाद लिया गया फैसला

नई दिल्ली, 11 जून (हि.स.)। खाड़ी क्षेत्र और आसपास के समुद्री इलाकों में तेजी से बदलते सुरक्षा हालात के बीच केंद्र सरकार ने भारतीय नाविकों की सुरक्षा के लिए उच्च सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। सरकार ने कहा कि भारतीय नाविकों, समुद्री हितों और ऊर्जा आपूर्ति मार्गों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। यह फ़ैसला 10 जून को ओमान के सोहर तट के निकट पालाउ ध्वज वाले टैंकर एमटी सेटेबेलो पर हुए मिसाइल हमले में तीन भारतीय नाविकों की मृत्यु के बाद लिया गया है।

केंद्रीय बंदरगाह, पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्रालय ने गुरुवार को बताया कि नौवहन महानिदेशालय (डीजी शिपिंग) होरमुज जलडमरूमध्य, ओमान की खाड़ी और आसपास के समुद्री क्षेत्रों की स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है। विदेश मंत्रालय, नौसेना, विदेशों में भारतीय मिशनों, मित्र देशों के समुद्री प्रशासन, शिपिंग कंपनियों और नाविक कल्याण संगठनों के साथ समन्वय किया जा रहा है।

मंत्रालय के अनुसार, हाल के दिनों में क्षेत्र में व्यापारिक जहाजों पर हुए सुरक्षा संबंधी घटनाक्रमों ने समुद्री परिवहन के जोखिम बढ़ा दिए हैं। इसे देखते हुए सभी संबंधित एजेंसियों को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा गया है।

सरकार ने भारतीय और विदेशी ध्वज वाले जहाजों पर कार्यरत भारतीय नाविकों को संघर्ष प्रभावित समुद्री क्षेत्रों से गुजरते समय विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है। जहाज संचालकों और प्रबंधन कंपनियों को भी अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।

मंत्रालय ने बताया कि एमटी सेटेबेलो नामक मध्यम दूरी के तेल टैंकर पर 10 जून को ओमान के सोहर से लगभग 20 समुद्री मील उत्तर-पूर्व में मिसाइल हमला हुआ था। जहाज पर कुल 28 चालक दल के सदस्य थे, जिनमें 24 भारतीय शामिल थे। घटना में तीन भारतीय नाविकों की मृत्यु हो गई जबकि अन्य सभी चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित बचा लिया गया है।

सरकार ने बताया कि मृत भारतीय नाविकों के शवों की पहचान कर ली गई है और उन्हें स्वदेश लाने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। साथ ही बचाए गए नाविकों की शीघ्र भारत वापसी सुनिश्चित करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने घटना पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि भारतीय नागरिकों की सुरक्षा, भारतीय समुद्री हितों की रक्षा और वैध माल ढुलाई का निर्बाध संचालन सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सरकार स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और भारतीय नाविकों की सुरक्षा के लिए हर आवश्यक कदम उठाएगी।

मंत्रालय के अनुसार, नौवहन महानिदेशालय के अंतर्गत कार्यरत सीफेयरर्स वेलफेयर फंड सोसायटी (एसडब्ल्यूएफएस) मृत नाविकों के परिवारों को निर्धारित प्रावधानों के तहत 10-10 लाख रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान करेगी। प्रभावित परिवारों के साथ लगातार संपर्क बनाए रखा गया है।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रशांत शेखर