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शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने गाय काे राष्ट्रमाता घाेषित करने की मांग दाेहराई

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शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने गाय काे राष्ट्रमाता घाेषित करने की मांग दाेहराई


शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने गाय काे राष्ट्रमाता घाेषित करने की मांग दाेहराई


उन्नाव, 09 मार्च (हि.स.)। गाय को 'गौ माता' और 'भारत की राष्ट्रमाता' घोषित करने की मांग काे लेकर गौरक्षार्थ धर्म युद्ध यात्रा पर निकले शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सोमवार काे उन्नाव जिले के बांगरमऊ पहुंचे। उन्हाेंने यहां हरदोई-बिल्हौर मार्ग पर स्थित प्रसिद्ध बाबा बुद्धेश्वर मंदिर में पूजा-अर्चना की। यहां पहुंचने पर श्रद्धालुओं ने उनका जयकारों के साथ स्वागत किया।

स्वामी शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने गौरक्षार्थ धर्म युद्ध यात्रा में गाय को 'गौ माता' और 'भारत की राष्ट्रमाता' घोषित करने की मांग काे लेकर बांगरमऊ नगर पहुंचने पर श्रद्धालुओं ने उनका स्वागत किया। आचार्यों ने वैदिक विधि-विधान से उनका अभिनंदन किया। इस दौरान मंदिर प्रांगण में आयाेजित कार्यक्रम में शंकराचार्य ने कहा कि गौ माता को राष्ट्रमाता घोषित करने के लिए 40 दिन का समय दिया गया था। इस मांग को याद दिलाने के लिए हर दस दिन में कार्यक्रम आयोजित किए गए। उन्होंने बताया कि अब इस समय सीमा के समाप्त होने में केवल 48 घंटे बचे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि गौ माता को राष्ट्रमाता घोषित नहीं किया जाता है, तो सनातन धर्म को बचाने के लिए सभी को एकजुट होकर संघर्ष करना पड़ेगा।

इस अवसर पर उन्होंने धर्म की जय हो, अधर्म का विनाश हो का नारा भी दिया। इसके पूर्व जगतगुरू शंकराचार्य पूर्व सांसद अन्नू टंडन के आवास पर पहुंचे। जहां उनके पूर्वजों के स्थापित मंदिर में दर्शन पूजन किए। इस अवसर पर शंकराचार्य ने अपनी मांग दाेहराई है। इस अवसर पर पूर्व सांसद टंडन ने कहा कि आज सौभाग्यशाली क्षण है। महाराजजी के आगमन से उनके पुरखों का मंदिर और पूरा परिसर धन्य हो गया। आध्यामिक चर्चा से मन पावन हुआ। उन्हाेंने कहा कि गौ रक्षा का संकल्प हमारी संस्कृति और अटूट आस्था का प्रतीक है। इस संकल्प को पूर्ण समर्थन देने की घोषणा की। इस अवसर पर भारी संख्या में कार्यकर्ता व क्षेत्रीयजन उपस्थित रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / अरुण कुमार दीक्षित