राहुल ने उठाया मुजफ्फरनगर में बंधुआ मजदूरी का मामला
नई दिल्ली, 24 जून (हि.स.)। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में बंधुआ मजदूरी के मामले पर बुधवार को रोष प्रकट किया है। राहुल का कहना है कि यह कोई आम आपराधिक घटना नहीं है - यह एक धराशही हुई अर्थव्यवस्था का मलबा है।
उल्लेखनीय है कि मुजफ्फरनगर में बंधुआ मजदूरी की एर घटना समाने आयी है। यहां नौकरी का झूठा वादा कर 13 मजदूरों को पिछले दो साल से बंधक बनाकर रखा गया था। उन्हें लाठियों, बेल्टों से पीटा जाता था। साथ ही वहां रॉटवीलर कुत्ते से उन पर हमला करवाया गया। एक मजदूर के बंधन से निकल भागने बाद पुलिस को मामले का पता चला और बाकी मजदूरों को छुड़वाया गया।
राहुल गांधी ने इस घटना पर आज कहा कि मुज़फ्फरनगर में बंधुआ मजदूरी का मामला बेहद चौंकाने वाला है। उन्होंने कहा, “बिना मज़दूरी दिए काम करवाने के अलावा, मजदूरों को कुत्तों से कटवाया गया, भाले से गोदा गया, कोड़े मारे गए और उन्हें मवेशियों का चारा खिलाया गया। यह इंसानी गरिमा पर हमला है - पीड़ितों को न्याय के साथ पुनर्वास और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए। साथ ही हमें यह भी समझना ज़रूरी है कि मज़दूर ऐसी खतरनाक परिस्थितियों में किन मजबूरियों में फंस जाते हैं?”
कांग्रेस नेता ने इसका दोष राज्य और केन्द्र सरकार पर मढ़ते हुए कहा कि “जब रोज़गार ख़त्म हो जाते हैं, आमदनी ठहर जाती है, और सबसे कमज़ोर वर्गों के लिए बने मनरेगा और श्रम कानूनों जैसी सुरक्षाएं कमज़ोर कर दी जाती हैं, तो हताशा बढ़ती जाती है।” उन्होंने कहा कि लोग विकल्प या सुरक्षा के अभाव में ऐसे शोषण का आसान शिकार बन जाते हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / अनूप शर्मा

