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नागपुर से फडणवीस का राहुल गांधी को कड़ा संदेश, बोले- संविधान से खिलवाड़ करेंगे तो हाथ जलेंगे

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नागपुर से फडणवीस का राहुल गांधी को कड़ा संदेश, बोले- संविधान से खिलवाड़ करेंगे तो हाथ जलेंगे


- नागपुर में भाजपा की ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ महारैली

- कांग्रेस पर संविधान और लोकतांत्रिक संस्थाओं को बदनाम करने का आरोप

नागपुर, 5 नवंबर (हिं.स.)। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राहुल गांधी और कांग्रेस को निशाने पर लेते हुए नागपुर से कड़ा राजनीतिक संदेश दिया। उन्होंने कहा, “संविधान से खिलवाड़ करेंगे तो आपके भी हाथ जलेंगे। सड़क पर लड़ाई की भाषा बोलेंगे, तो हम भी इसके लिए तैयार हैं।” फडणवीस भाजपा और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान के तहत नागपुर में आयोजित महारैली से पहले यशवंत स्टेडियम में आयोजित सभा को संबोधित कर रहे थे।

राहुल गांधी के नेतृत्व में संविधान को निशाना बनाने का आरोप

फडणवीस ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि राहुल गांधी के नेतृत्व में देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था और संविधान को निशाना बनाने की साजिश रची जा रही है। उन्होंने दावा किया कि यह केवल सत्ता परिवर्तन का प्रयास नहीं है, बल्कि देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था और संविधान को बदलने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कांग्रेस की भूमिका पर सवाल उठाते हुए देश में अतिवामपंथी विचारधारा की व्यवस्था स्थापित करने के प्रयासों का भी आरोप लगाया।

मतदाता सूची में नामों को लेकर कांग्रेस पर निशाना

मतदाता सूची में बांग्लादेशी नागरिकों के नामों का मुद्दा उठाते हुए फडणवीस ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि मतदाता सूची में चार करोड़ बांग्लादेशी नागरिकों के नाम थे, जिन्हें हटाए जाने से कांग्रेस असहज हो गई है।

उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस को जीवित मतदाताओं के समर्थन पर भरोसा नहीं है, इसलिए मृत व्यक्तियों के नाम दोबारा मतदाता सूची में शामिल करने की मांग की जा रही है। मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं का मुद्दा उठाते हुए उन्होंने कांग्रेस पर जनमत की चोरी करने का आरोप लगाया।

आपातकाल का हवाला देकर कांग्रेस पर हमला

कांग्रेस की कथित संविधान विरोधी भूमिका का इतिहास बताते हुए फडणवीस ने वर्ष 1975 में लगाए गए आपातकाल का उल्लेख किया। उन्होंने आरोप लगाया कि इलाहाबाद उच्च न्यायालय द्वारा तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का चुनाव रद्द किए जाने के बाद कांग्रेस ने बहुमत के बल पर संविधान संशोधन कर प्रधानमंत्री को न्यायिक नियंत्रण से बाहर रखने का प्रयास किया था।

उन्होंने कहा कि इसके बाद मोरारजी देसाई की सरकार ने इस बदलाव को संशोधित किया और यह प्रावधान किया कि प्रधानमंत्री भी न्यायिक व्यवस्था के अधीन रहेंगे।

‘लाल संविधान’ को लेकर राहुल गांधी से सवाल

राहुल गांधी के हाथ में दिखाई देने वाली लाल रंग की संविधान की प्रति को लेकर भी फडणवीस ने सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि जब डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के संविधान को नीले रंग से जोड़ा जाता है, तो राहुल गांधी लाल रंग की संविधान की प्रति कहां से लाते हैं?

फडणवीस ने आरोप लगाया कि संविधान द्वारा स्थापित संस्थाओं को बदनाम कर जनता का उन पर से विश्वास कम करने का प्रयास किया जा रहा है।

श्रीलंका, नेपाल, बांग्लादेश और पाकिस्तान की राजनीतिक परिस्थितियों का उदाहरण देते हुए उन्होंने दावा किया कि भारत में भी इसी तरह की अस्थिरता पैदा करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने राहुल गांधी के नेतृत्व में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर साजिश रचे जाने का आरोप लगाते हुए कहा कि देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था की रक्षा के लिए भाजपा और एनडीए के सभी घटक दल मैदान में उतर चुके हैं।

शक्ति प्रदर्शन के जरिए विपक्ष को संदेश

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले और भारतीय जनता युवा मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष हेमंत जोशी के नेतृत्व में यह महारैली निकाली गई।

यशवंत स्टेडियम से शुरू हुई पदयात्रा पंचशील चौक, रानी झांसी चौक और वेरायटी चौक होते हुए संविधान चौक पहुंची। इस दौरान भाजपा और महायुति के कार्यकर्ताओं ने बड़ी संख्या में भाग लेकर शक्ति प्रदर्शन किया।

सभा में दिए गए अपने संबोधन के माध्यम से फडणवीस ने राहुल गांधी और कांग्रेस के खिलाफ राजनीतिक संघर्ष को और तेज करने के संकेत दिए।

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हिन्दुस्थान समाचार / मनीष कुलकर्णी