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दिल्ली के आजादपुर इलाके से दो बांग्लादेशी घुसपैठिए गिरफ्तार

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दिल्ली के आजादपुर इलाके से दो बांग्लादेशी घुसपैठिए गिरफ्तार


नई दिल्ली, 30 जून (हि.स.)। दिल्ली पुलिस की फॉरेनर सेल ने दो बांग्लादेशी घुसपैठियों को यहां के आजादपुर इलाके से गिरफ्तार किया। इनमें एक आरोपित ऐसा है जिसे पिछले वर्ष गिरफ्तार कर बांग्लादेश डिपोर्ट किया गया था, लेकिन वह दोबारा भारत में घुस आया। गिरफ्तार आरोपितों के कब्जे से प्रतिबंधित आईएमओ ऐप वाले दो स्मार्टफोन, बांग्लादेशी पहचान पत्र और एक मिर्ची स्प्रे बरामद किया है।

उत्तर पश्चिमी जिले की पुलिस उपायुक्त आकांक्षा यादव ने मंगलवार को बताया कि गिरफ्तार आरोपितों की पहचान मोहम्मद रुहुल अमीन उर्फ तुली दास और एमडी जीबोन मियां उर्फ लिली के रूप में हुई है। दोनों बांग्लादेश के रहने वाले हैं और भारत में रहने के लिए उनके पास कोई वैध यात्रा दस्तावेज नहीं मिले।

उन्होंने बताया कि 25 जून की सुबह गुप्त सूचना मिली थी कि महेंद्र पार्क थाना क्षेत्र के एनएस मंडी, आजादपुर इलाके में दो बांग्लादेशी नागरिक अवैध रूप से रह रहे हैं। इस आधार पर इंस्पेक्टर विपिन कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने छापेमारी कर दोनों को दबोच लिया।

जांच में सामने आया कि रुहुल अमीन को जून 2025 में भी उत्तर-पश्चिम जिला पुलिस की फॉरेनर सेल ने गिरफ्तार किया था। कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद उसे बांग्लादेश डिपोर्ट कर दिया गया था, लेकिन वह दोबारा अवैध रूप से भारत में प्रवेश कर महेंद्र पार्क इलाके में रहने लगा। पुलिस ने उसे फिर से ट्रेस कर गिरफ्तार कर लिया।

पूछताछ में आरोपितों ने खुलासा किया कि रात के समय वे दिल्ली के आजादपुर मंडी इलाके में ट्रांसजेंडर का भेष बनाकर ग्राहकों को अपनी ओर आकर्षित करते थे। वे कथित तौर पर ग्राहकों पर मिर्ची स्प्रे का इस्तेमाल भी करते थे। रुहुल अमीन के बैग से एक मिर्ची स्प्रे बरामद किया गया है। दूसरा आरोपित जीबोन मियां इलाके में रसोइए का काम करता था और दोनों साथ रह रहे थे। पुलिस ने दोनों आरोपितों के कब्जे से प्रतिबंधित आईएमओ एप इंस्टॉल दो स्मार्टफोन और बांग्लादेशी पहचान पत्र भी बरामद किए हैं।

दोनों को विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय (एफआरआरओ) के समक्ष पेश कर उनके निर्वासन (डिपोर्टेशन) की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि दोनों किन लोगों के संपर्क में थे, अवैध रूप से भारत में प्रवेश करने में किसने उनकी मदद की और क्या इस नेटवर्क से अन्य लोग भी जुड़े हैं। मामले की जांच जारी है।

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हिन्दुस्थान समाचार / कुमार अश्वनी