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जनसांख्यिकीय परिवर्तन पर आधारित डॉक्यूमेंट्री ‘डेमोग्राफी इज़ डेस्टिनी’ का प्रदर्शन

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जनसांख्यिकीय परिवर्तन पर आधारित डॉक्यूमेंट्री ‘डेमोग्राफी इज़ डेस्टिनी’ का प्रदर्शन


मुंबई, 22 जून (हि.स.)। देश के बदलते जनसांख्यिकीय परिदृश्य और हिंदू जनसंख्या के घटते अनुपात पर आधारित डॉक्यूमेंट्री ‘डेमोग्राफी इज़ डेस्टिनी’ का प्रदर्शन 19वें मुंबई अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में किया गया। रविवार को राष्ट्रीय फिल्म विकास निगम (एनएफडीसी) में प्रदर्शित इस डॉक्यूमेंट्री को महोत्सव के राष्ट्रीय प्रतियोगिता खंड (डॉक्यूमेंट्री श्रेणी) में शामिल किया गया है।

राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता फिल्मकार कमाख्या नारायण सिंह और अंशुमान शेखर द्वारा निर्देशित तथा रविंद्र सांघवी द्वारा निर्मित यह डॉक्यूमेंट्री भारत में जनसंख्या संबंधी दीर्घकालिक रुझानों का विश्लेषण करती है। फिल्म में ऐतिहासिक जनगणना आंकड़ों के आधार पर देश की धार्मिक जनसंख्या संरचना में हुए परिवर्तनों को प्रस्तुत किया गया है। डॉक्यूमेंट्री में विवाह और परिवार के प्रति बदलते दृष्टिकोण, घटती प्रजनन दर, प्रवासन तथा विभिन्न समुदायों के जनसांख्यिकीय रुझानों जैसे विषयों पर चर्चा की गई है। फिल्म निर्माताओं का दावा है कि इन परिवर्तनों का भविष्य में चुनावी राजनीति, सार्वजनिक नीतियों और सांस्कृतिक पहचान पर प्रभाव पड़ सकता है।

निर्देशक कमाख्या नारायण सिंह ने बताया कि जनसांख्यिकी केवल आंकड़ों का विषय नहीं है, बल्कि यह किसी राष्ट्र के सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक चरित्र को भी प्रभावित करती है। फिल्म का उद्देश्य भारत के जनसांख्यिकीय भविष्य पर गंभीर चर्चा को प्रोत्साहित करना है।

इस मौके पर महाराष्ट्र के संस्कृति मंत्री आशीष शेलार ने कहा कि डॉक्यूमेंट्री महत्वपूर्ण राष्ट्रीय मुद्दों को समाज के सामने लाने और सार्थक संवाद को बढ़ावा देने का प्रभावी माध्यम है। कौशल विकास मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने कहा कि जनसांख्यिकीय रुझानों का देश के सामाजिक और आर्थिक विकास पर गहरा प्रभाव पड़ता है।

डॉक्यूमेंट्री में पद्मश्री डॉ. जितेंद्र बजाज, जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. शांतिश्री धुलीपुडी पंडित, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की सदस्य विजया भारती सयानी तथा लेखक एवं चिंतक राजीव मल्होत्रा सहित कई प्रमुख व्यक्तियों के विचार शामिल किए गए हैं।

फिल्म के प्रदर्शन के दौरान संस्कृति मंत्री आशीष शेलार, कौशल विकास मंत्री लोढ़ा तथा वरिष्ठ भाजपा नेता किरीट सोमैया उपस्थित रहे।

मुंबई अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव राष्ट्रीय फिल्म विकास निगम (एनएफडीसी) द्वारा आयोजित दक्षिण एशिया का प्रमुख गैर-फीचर फिल्म महोत्सव माना जाता है।

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हिन्दुस्थान समाचार / विजयालक्ष्मी