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केन्द्र ने राजस्थान के बालोतरा पेट्रोकेमिकल परियोजना की लागत और निवेश में की बढ़ोत्तरी

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केन्द्र ने राजस्थान के बालोतरा पेट्रोकेमिकल परियोजना की लागत और निवेश में की बढ़ोत्तरी


नई दिल्ली, 08 अप्रैल (हि.स.)। केन्द्र सरकार ने एचपीसीएल की राजस्थान के बालोतरा जिले के पचपदरा में बन रही राजस्थान रिफाइनरी लिमिटेड (एचआरआरएल) की लागत और उसमें इक्विटी निवेश में संशोधन किया है। संशोधित परियोजना लागत अब 79,459 करोड़ रुपये की गई है।

परियोजना से भारत की ऊर्जा आत्मनिर्भरता बढ़ेगी और पेट्रोकेमिकल क्षेत्र की आयात पर निर्भरता कम होगी। परियोजना के 1 जुलाई, 2026 को वाणिज्यिक परिचालन शुरू होने की उम्मीद है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता वाली आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने आज संशोधन को मंजूरी दी। परियोजना की लागत पहले 43,129 करोड़ रुपये थी। वहीं, परियोजना में हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) भी 8,962 करोड़ रुपये का अतिरिक्त इक्विटी निवेश करेगा।

मंत्रिमंडल के फैसलों की जानकारी देते हुए केन्द्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि इससे ऊर्जा सुरक्षा बढ़ेगी, पेट्रोकेमिकल्स के लिए आयात पर निर्भरता कम होगी और घरेलू विनिर्माण क्षेत्रों को बढ़ावा मिलेगा। इससे इस क्षेत्र में औद्योगिक विकास को बढ़ावा मिलेगा, स्थानीय कच्चे तेल का उपयोग होगा और भारत एक रिफाइनिंग हब के रूप में स्थापित होगा। इससे रोज़गार के महत्वपूर्ण अवसर (लगभग 25,000 नौकरियाँ) पैदा होंगे और समग्र आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।

उल्लेखनीय है कि राजस्थान के बालोतरा जिले के पचपदरा स्थित एचआरएल एक 90 लाख मीट्रिक टन प्रति वर्ष (एमएमटीपीए) की क्षमता वाला ग्रीनफील्ड रिफाइनरी-सह-पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स है। इसकी पेट्रोकेमिकल उत्पादन क्षमता 24 लाख मीट्रिक टन प्रति वर्ष है। परियोजना का कार्यान्वयन एचआरएल कर रहा है। एचआरएल एचपीसीएल और राजस्थान सरकार का संयुक्त उद्यम (जेवी) है। इसमें क्रमशः दोनों की हिस्सेदारी 74 प्रतिशत और 26 प्रतिशत है।

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हिन्दुस्थान समाचार / अनूप शर्मा