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उत्तर रेलवे के 680 रूट किलोमीटर पर 206 करोड़ रुपये की लागत से लगेगी ‘कवच 4.0’ प्रणाली

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नई दिल्ली, 10 जुलाई (हि.स.)। भारतीय रेलवे ने रेल सुरक्षा को और सुदृढ़ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए उत्तर रेलवे के दिल्ली मंडल के रेवाड़ी-दिल्ली तथा शकूरबस्ती-बठिंडा खंडों सहित उनसे जुड़ी फीडर ब्रांच लाइनों के कुल 680 रूट किलोमीटर (आरकेएम) पर स्वदेशी स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली ‘कवच संस्करण 4.0’ स्थापित करने की मंजूरी दे दी है। इस परियोजना पर 206 करोड़ रुपये की लागत आएगी।

रेल मंत्रालय ने शुक्रवार को बताया कि यह परियोजना भारतीय रेलवे की ‘कवच’ प्रणाली को पूरे देश में लागू करने की चल रही योजना का हिस्सा है। इसका उद्देश्य ज्यादा ट्रैफ्रिक वाले और रणनीतिक रूप से अहम रूटों पर इस स्वदेशी सुरक्षा प्रणाली का विस्तार करना है। इसके माध्यम से रेल सुरक्षा को आधुनिक तकनीक के जरिए नई मजबूती प्रदान की जाएगी।

उल्लेखनीय है कि ‘कवच’ भारत में विकसित स्वदेशी ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन (एटीपी) प्रणाली है। इसका उद्देश्य ‘सिग्नल पास्ड एट डेंजर’ (एसपीएडी) की घटनाओं और ट्रेन टक्करों को रोकना है। यह प्रणाली ट्रेनों की आवाजाही पर लगातार निगरानी रखती है और आवश्यकता पड़ने पर स्वतः ब्रेक लगाकर दुर्घटनाओं की संभावना को कम करती है।

मंत्रालय ने कहा कि रेवाड़ी-दिल्ली तथा शकूरबस्ती-बठिंडा रेल खंडों पर ‘कवच 4.0’ की स्थापना से रेल सुरक्षा में उल्लेखनीय सुधार होगा। इसके साथ ही परिचालन दक्षता बढ़ेगी, ट्रेन संचालन की विश्वसनीयता मजबूत होगी और यात्री एवं मालगाड़ियों का संचालन अधिक तेज, सुरक्षित तथा प्रौद्योगिकी आधारित बन सकेगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुशील कुमार