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अंतरराष्ट्रीय एंडोस्कोपिक एवं रोबोटिक कार्डियक सर्जरी सम्मेलन का आगाज

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अंतरराष्ट्रीय एंडोस्कोपिक एवं रोबोटिक कार्डियक सर्जरी सम्मेलन का आगाज


अंतरराष्ट्रीय एंडोस्कोपिक एवं रोबोटिक कार्डियक सर्जरी सम्मेलन का आगाज


नई दिल्ली, 11 जुलाई (हि.स.)। वन वर्ल्ड वन फैमिली मिशन के तहत मधुसूदन साई इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज़ एंड रिसर्च, सत्य साई ग्राम, मुद्देनहल्ली में दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय एंडोस्कोपिक एवं रोबोटिक कार्डियक सर्जरी सम्मेलन की शुरुआत हुई। शनिवार को

मणिपाल हॉस्पिटल्स और एसएस इनोवेशंस के संयुक्त सहयोग से आयोजित इस सम्मेलन में भारत, ग्रीस, अमेरिका, चीन, ब्राज़ील, यूक्रेन, जर्मनी, वियतनाम सहित कई देशों के हृदय रोग विशेषज्ञ, सर्जन, चिकित्सक और मेडिकल छात्र भाग ले रहे हैं। देश के निजी मेडिकल कॉलेज में इस प्रकार का दुर्लभ अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन पहली बार आयोजित किया जा रहा है।

सम्मेलन के प्रमुख आयोजकों में शामिल प्रख्यात कार्डियक सर्जन डॉ. सी.एस. हिरेमठ ने बताया कि एसएमएसआईएमएसआर देश का एकमात्र निशुल्क मेडिकल कॉलेज है, जहाँ सफलतापूर्वक रिमोट रोबोटिक कार्डियक सर्जरी की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि यह देश का पहला ऐसा मेडिकल कॉलेज भी है, जहां भारत के विभिन्न राज्यों से आने वाले डॉक्टरों और कार्डियक सर्जनों को रोबोटिक हृदय शल्य चिकित्सा का निशुल्क प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

सम्मेलन में मिनिमली इनवेसिव (छोटे चीरे वाली) और रोबोटिक कार्डियक सर्जरी से जुड़ी आधुनिक तकनीकों, अनुसंधान और उपचार पद्धतियों पर विशेषज्ञ अपने अनुभव साझा कर रहे हैं। इसके साथ ही लाइव रोबोटिक सर्जरी का प्रदर्शन भी सम्मेलन का प्रमुख आकर्षण है। ग्रीस, कोयंबटूर और एसएमएसआईएमएसआर, मुद्देनहल्ली से एक साथ लाइव कार्डियक सर्जरी का प्रसारण किया गया।

सम्मेलन के पहले दिन डॉ. सुधीर श्रीवास्तव, संस्थापक एवं चेयरमैन, एसएस इनोवेशन्स, ने दिल्ली से रिमोट कंट्रोल के माध्यम से रोबोटिक सर्जरी करते हुए कोयंबटूर के एक अस्पताल तथा ग्रीस में एक-एक मरीज की सफल हृदय शल्य चिकित्सा की। तीनों मरीजों की स्थिति स्थिर है और वे स्वस्थ हो रहे हैं।

सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए आयोजन सचिव डॉ. सी.एस. हिरेमठ ने कहा, यह सम्मेलन डॉक्टरों को विश्वस्तरीय विशेषज्ञों से सीधे संवाद करने का अवसर प्रदान करता है। इससे उन्हें नई तकनीकों को सीखने के साथ-साथ रोगियों के उपचार में सुरक्षित रूप से उनका व्यावहारिक उपयोग करने का अनुभव भी प्राप्त होता है।

एसएस इंनोवेशन्स के संस्थापक एवं चेयरमैन डॉ. सुधीर श्रीवास्तव ने कहा, स्वदेशी रोबोटिक तकनीक उन्नत स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक से अधिक लोगों तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। भारत में इस क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व करने की पूरी क्षमता है।

सद्गुरु श्री मधुसूदन साई ने कहा, चिकित्सा शिक्षा का उद्देश्य केवल कुशल डॉक्टर तैयार करना नहीं, बल्कि ऐसे चिकित्सकों का निर्माण करना है जो करुणा और सेवा की भावना से समाज की सेवा करें। दस वर्ष पहले यहाँ बुनियादी सुविधाएँ भी उपलब्ध नहीं थीं, लेकिन आज यह स्थान विश्वस्तरीय चिकित्सा शिक्षा, अनुसंधान और ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं का वैश्विक केंद्र बन चुका है। दुनिया का पहला निःशुल्क एमबीबीएस मेडिकल कॉलेज यहीं संचालित हो रहा है। हमारी स्वास्थ्य सेवाएँ अब केवल भारत तक सीमित नहीं हैं, बल्कि नाइजीरिया और श्रीलंका जैसे देशों तक भी पहुंच चुकी है।

सम्मेलन का दूसरा दिन रविवार को एंडोस्कोपिक और रोबोटिक कार्डियक सर्जरी से संबंधित वेट लैब (हैंड्स-ऑन प्रैक्टिकल) प्रशिक्षण सत्रों के साथ जारी रहेगा।

कार्यक्रम में वन वर्ल्ड वन फैमिली मिशन के संस्थापक सद्गुरु श्री मधुसूदन साई, डॉ. सी.एस. हिरेमठ, डॉ. सतीश बाबू के.एन., डॉ. संदीप सरदार सहित अनेक गणमान्य चिकित्सक और विशेषज्ञ उपस्थित रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / विजयालक्ष्मी