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एलपीजी की सप्लाई अभी चिंता का विषय, लेकिन सामान्य हुई सिलेंडर की डिलीवरी

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एलपीजी की सप्लाई अभी चिंता का विषय, लेकिन सामान्य हुई सिलेंडर की डिलीवरी


एलपीजी की सप्लाई अभी चिंता का विषय, लेकिन सामान्य हुई सिलेंडर की डिलीवरी


नई दिल्ली, 23 मार्च (हि.स)। पश्चिम एशिया संकट के बीच पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव (मार्केटिंग) सुजाता शर्मा ने सोमवार को कहा कि अब देश में एलपीजी सिलेंडर की डिलीवरी सामान्य हो गई है। पिछले तीन हफ्तों में लगभग 3.5 लाख घरेलू और कमर्शियल पीएनजी कनेक्शन दिए गए हैं या चालू किए गए हैं। शर्मा ने कहा कि एलपीजी की सप्लाई अभी भी चिंता का विषय बनी हुई है, लेकिन एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटरशिप पर कोई कमी नहीं है। एलपीजी की घबराहट में की जाने वाली बुकिंग कम हो गई है और डिलीवरी सामान्य है।

सुजाता शर्मा ने संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में कहा कि अब तक 1.9 लाख उपभोक्ता एलपीजी से पीएनजी में शिफ्ट हो चुके हैं। उन्होंने आगे कहा कि मौजूदा मांग का 50-60 फीसदी हिस्सा घरेलू एलपीजी का है। उन्होंने कहा कि सरकार जहां भी उपलब्ध हो वहां से एलपीजी कार्गो ले रही है। पश्चिम एशिया संकट के बीच आज विभिन्न मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारियों ने एक अंतर-मंत्रालयी प्रेस ब्रीफिंग में ऊर्जा आपूर्ति, बंदरगाह संचालन और लोगों को सुरक्षित निकालने के प्रयासों को लेकर सरकार की तैयारियों की रूपरेखा प्रस्तुत की। इसमें उन्होंने स्थिति को काफी हद तक सामान्य बताया, हालांकि कुछ क्षेत्रों को लेकर चिंताएं भी जाहिर कीं।

ईंधन की उपलब्धता के बारे में जानकारी देते हुए सुजाता शर्मा ने कहा कि कच्चे तेल का भंडार पर्याप्त मात्रा में मौजूद है, जिससे यह संकेत मिलता है कि फिलहाल भंडार पर किसी तरह का तत्काल दबाव नहीं है। शर्मा ने कहा कि एलपीजी की घबराहट में की जाने वाली बुकिंग कम हो गई है और डिलीवरी सामान्य है। शर्मा ने कहा कि कमर्शियल एलपीजी का आवंटन बढ़ाकर 50 फीसदी कर दिया गया है। अब कमर्शियल एलपीजी की लगभग 50 फीसदी मात्रा राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों के अधिकार में होगी। भारत सरकार ने राज्य सरकारों से अनुरोध किया है कि वे इस आवंटन में रेस्टोरेंट, ढाबे, होटल, औद्योगिक कैंटीन, फ़ूड प्रोसेसिंग, डेयरी यूनिट, राज्य सरकार या स्थानीय निकायों की रियायती कैंटीन या खाने के आउटलेट, सामुदायिक रसोई को शामिल करें।

उन्होंने कहा कि अब तक लगभग 20 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने कमर्शियल एलपीजी आवंटित की है और लगभग 15 हजार 800 टन कमर्शियल एलपीजी उठाई गई है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने बताया कि हमारी रिफाइनरियां पूरी क्षमता से काम कर रही हैं, कच्चे तेल का पर्याप्त भंडार मौजूद है और रिटेल आउटलेट सामान्य रूप से चल रहे हैं। प्राकृतिक गैस के मामले में घरेलू उपभोक्ताओं और सीएनजी परिवहन के लिए 100 फीसदी आपूर्ति बनाए रखी जा रही है। भारत सरकार ने सीजीडी संस्थाओं को कमर्शियल कनेक्शनों को प्राथमिकता देने की सलाह दी है।

सुजाता शर्मा ने कहा कि कालाबाजारी और जमाखोरी को रोकने के लिए राज्य सरकारों से लगातार अनुरोध किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस संबंध में कई पत्र जारी किए गए हैं। 32 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में कंट्रोल रूम बनाए गए हैं। साथ ही जिला-स्तरीय निगरानी समितियां भी गठित की गई हैं। पिछले कुछ दिनों में लगभग 37 हजार छापे मारे गए हैं, जबकि 550 से ज्यादा एफआईआर दर्ज की गई हैं। इसके अलावा 150 से ज़्यादा लोगों को गिरफ़्तार किया गया है। सुजाता शर्मा ने इस बात से इनकार कर दिया है कि 14.2 किलोग्राम वाले एलपीजी के सिलेंडर को 10 किलोग्राम में बदलने की तैयारी है। शर्मा ने कहा कि यह पूरी तरह से अटकलों पर आधारित है और किसी भी अटकल पर कोई टिप्पणी या स्पष्टीकरण नहीं दिया जा सकता। अफवाहों पर विश्वास न करें।

बंदरगाह, जहाजरानी एवं जलमार्ग मंत्रालय के विशेष सचिव राजेश कुमार सिन्हा ने मीडिया से कहा कि 22 भारतीय जहाज और उन पर सवार 600 भारतीय नाविक सभी सुरक्षित हैं। किसी बड़ी घटना की कोई रिपोर्ट नहीं है। उन्होंने बताया कि अपनी पिछली प्रेस ब्रीफिंग में मैंने 611 भारतीय नाविकों का जिक्र किया था, उनमें से 11 ने जहाज छोड़ दिया है। इसीलिए अभी यह संख्या 600 है। सिन्हा ने कहा कि डीजी शिपिंग लगातार तालमेल बिठा रहे हैं। पिछले 24 घंटों में 60 फोन कॉल और 129 ई-मेल मिले और उनका जवाब दिया गया है। कार्गो की आवाजाही को लेकर किसी भी बंदरगाह पर किसी तरह की भीड़भाड़ की कोई रिपोर्ट नहीं है।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रजेश शंकर