बंगाल में पूर्व मंत्री उज्ज्वल विश्वास गिरफ्तार, महुआ मोइत्रा ने बताया भाजपा की साजिश
कृष्णनगर, 10 जून (हि.स.)। पश्चिम बंगाल में राहत सामग्री में कथित अनियमितता के मामले में पूर्व कारा मंत्री उज्ज्वल विश्वास को लंबी पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया गया है। मंगलवार को उनके आवास के बाहर कथित राहत सामग्री घोटाले को लेकर लोगों का भारी विरोध प्रदर्शन हुआ। इस दौरान आक्रोशित भीड़ ने उन पर अंडे भी फेंके। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने उन्हें मौके से निकालकर हिरासत में लिया और बाद में पूछताछ के उपरांत देर रात गिरफ्तार कर लिया। उन्हें बुधवार को कृष्णनगर जिला एवं सत्र न्यायालय में पेश किया जाएगा।
उज्ज्वल विश्वास की गिरफ्तारी को लेकर राजनीतिक विवाद भी तेज हो गया है। कृष्णनगर से तृणमूल कांग्रेस लाेकसभा सांसद महुआ मोइत्रा ने बुधवार को इस कार्रवाई को पूरी तरह राजनीतिक बताते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर साजिश रचने का आरोप लगाया है।
महुआ मोइत्रा ने कहा कि वह स्वयं भी विधायक रह चुकी हैं और राज्य के सभी विधायकों को ईद या अन्य बड़े त्योहारों के अवसर पर वितरण के लिए कपड़े तथा प्राकृतिक आपदाओं के समय लोगों की सहायता के लिए तिरपाल जैसी राहत सामग्री उपलब्ध कराई जाती है। उनके अनुसार कई विधायक इन सामग्रियों को अपने घरों या गोदामों में रखते हैं। उन्होंने दावा किया कि उज्ज्वल विश्वास ने भी इन्हें अपने घर में सुरक्षित रखा था।
तृणमूल सांसद ने कहा कि ईद से पहले चुनाव की घोषणा हो जाने के कारण इन सामग्रियों का वितरण नहीं हो सका था, जिसके चलते वे उनके घर पर ही रखी हुई थीं। उन्होंने बताया कि राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद चार जून को एक प्रशासनिक निर्देश जारी किया गया था, जिसमें कहा गया था कि पूर्व विधायकों के पास मौजूद सरकारी राहत सामग्री को संबंधित एसडीओ या बीडीओ के माध्यम से वापस सरकारी अभिरक्षा में लिया जाए।
महुआ मोइत्रा के अनुसार, उज्ज्वल विश्वास ने भी प्रशासन को पत्र लिखकर अपने घर में रखी राहत सामग्री को ले जाने का अनुरोध किया था। उन्होंने दावा किया कि नौ जून को बीडीओ कार्यालय की ओर से एक वाहन सामग्री लेने के लिए भेजा गया था। इसी दौरान भाजपा के कुछ कार्यकर्ता और समर्थक वहां पहुंचे तथा कथित रूप से तोड़फोड़ की। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व मंत्री के साथ धक्का-मुक्की की गई और उन पर अंडे फेंके गए।
महुआ मोइत्रा ने कहा कि उज्ज्वल विश्वास एक वरिष्ठ राजनीतिक नेता हैं और उनके खिलाफ की गई कार्रवाई राजनीतिक प्रतिशोध का हिस्सा है। उन्होंने पूरे घटनाक्रम को भाजपा की सुनियोजित साजिश करार देते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।-----------------
हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर

