अभिषेक का पार्टी से कोई संबंध नहीं, ममता बनर्जी सलाहकार के रूप में मार्गदर्शन दें : ऋतब्रत बनर्जी
कोलकाता, 03 जून (हि.स.)। पश्चिम बंगाल की राजनीति में तृणमूल कांग्रेस के भीतर जारी संघर्ष के बीच नवमान्यता प्राप्त विपक्ष के नेता ऋतब्रत बंद्योपाध्याय ने पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव व लाेकसभा सांसद अभिषेक बनर्जी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि अभिषेक बनर्जी का उनकी पार्टी से कोई संबंध नहीं है, जबकि ममता बनर्जी को वह एक वरिष्ठ नेता के रूप में पार्टी की मुख्य सलाहकार की भूमिका में देखना चाहते हैं।
बुधवार को विधानसभा में विपक्ष के नेता के रूप में मान्यता मिलने के बाद पत्रकारों से बातचीत में ऋतब्रत ने कहा कि अभिषेक बनर्जी की कोई भूमिका नहीं रहेगी। उनके साथ हमारी पार्टी का कोई संबंध नहीं है। जनता के साथ भी उनका कोई जुड़ाव नहीं है। यदि ऐसा होता तो चुनावी हार के बाद वह 26 दिनों तक सार्वजनिक रूप से गायब नहीं रहते, बल्कि लोगों के बीच आते।
उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव के बाद हुई घटनाओं के दौरान अभिषेक बनर्जी जनता के समर्थन का दावा करते रहे, लेकिन बाद में अपनी सुरक्षा बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार को पत्र लिखना पड़ा। ऋतब्रत ने कहा कि उनका समूह अभिषेक बनर्जी को लेकर किसी प्रकार की चर्चा करना नहीं चाहता और पार्टी की राजनीति को उनके प्रभाव से अलग रखना चाहता है।
इसके विपरीत, ऋतब्रत ने तृणमूल प्रमुख ममता बनर्जी के प्रति सम्मान जताते हुए कहा कि वह राज्य और देश की एक वरिष्ठ राजनीतिक नेता हैं। उन्होंने कहा कि हम मानते हैं कि ममता बनर्जी का लंबा राजनीतिक अनुभव है। हमारी इच्छा है कि वह पार्टी की मुख्य सलाहकार के रूप में मार्गदर्शन देती रहें और संगठन को दिशा प्रदान करें।
ऋतब्रत की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब पश्चिम बंगाल विधानसभा में तृणमूल कांग्रेस के भीतर नेतृत्व को लेकर खुला संघर्ष सामने आ चुका है। हाल ही में विधानसभा अध्यक्ष द्वारा ऋतब्रत बंद्योपाध्याय को विपक्ष का नेता मान्यता दिए जाने के बाद पार्टी के भीतर दो स्पष्ट धड़े दिखाई दे रहे हैं।
दरअसल, ऋतब्रत का यह बयान तृणमूल कांग्रेस के भीतर ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी की भूमिकाओं को अलग-अलग परिभाषित करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। एक ओर उन्होंने ममता बनर्जी को पार्टी के लिए स्वीकार्य और सम्मानित नेतृत्व बताया, वहीं दूसरी ओर अभिषेक बनर्जी से पूरी तरह दूरी बनाने का संकेत दिया।--------------
हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर

