पश्चिम बंगाल में केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने लांच किया ‘स्वच्छता’ ऐप
कोलकाता, 30 मई (हि.स.)। केंद्रीय ऊर्जा तथा आवास एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने शनिवार को कोलकाता में पश्चिम बंगाल के लिए ‘स्वच्छता’ ऐप का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी, नगर विकास मंत्री अग्निमित्रा पॉल, ऊर्जा मंत्रालय के सचिव पंकज अग्रवाल और दामोदर घाटी निगम के अध्यक्ष सुरेश कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि स्वच्छता और कचरा प्रबंधन शहरी विकास के प्रमुख आधार हैं। उन्होंने कहा कि घर-घर से कचरा संग्रह, उसके पृथक्करण और वैज्ञानिक प्रसंस्करण की प्रभावी व्यवस्था से शहरी क्षेत्रों में स्वच्छता को नई दिशा मिलेगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि बेहतर आधारभूत संरचना और आधुनिक व्यवस्थाओं के जरिए हर वर्ष लाखों टन कचरे का वैज्ञानिक निपटान संभव हो सकेगा।
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि ‘स्वच्छता’ ऐप नागरिकों को स्वच्छता अभियान से सीधे जोड़ने का एक प्रभावी माध्यम बनेगा। इसके जरिए लोग अपने क्षेत्र में कचरे के ढेर या अन्य सफाई संबंधी समस्याओं की तस्वीर लेकर ऐप पर अपलोड कर सकेंगे। शिकायतें भौगोलिक पहचान (जियो-टैगिंग) के साथ संबंधित नगर निकायों तक पहुंचेंगी, जिससे त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सकेगी।
उन्होंने बताया कि शिकायत के समाधान के बाद नगर निकाय के अधिकारी स्थल की पहले और बाद की तस्वीरें भी ऐप पर अपलोड करेंगे। साथ ही नागरिकों को प्रतिक्रिया देने की सुविधा मिलेगी, जिससे कार्रवाई की गुणवत्ता का आकलन किया जा सकेगा।
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि ऐप के प्रथम चरण में राज्य की 10 नगरपालिकाओं में इसकी शुरुआत की जाएगी। इनमें आसनसोल, दुर्गापुर, बशीरहाट, पुजाली, तुफानगंज, कांथी, कृष्णानगर, बैद्यबाटी और मध्यमग्राम सहित अन्य नगरपालिकाएं शामिल हैं। बाद में इसे राज्य की सभी नगरपालिकाओं तक विस्तारित किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि यह पहल वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण के लक्ष्य और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की परिकल्पना के अनुरूप पश्चिम बंगाल के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं का उल्लेख करते हुए बताया कि जल जीवन मिशन के तहत राज्य को 39 हजार करोड़, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत 2,103 करोड़ रुपये तथा आयुष्मान भारत योजना के तहत 976 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है।
उन्होंने रेलवे और मेट्रो परियोजनाओं के विस्तार को प्रदूषण नियंत्रण और शहरी यातायात सुधार के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि इससे पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। साथ ही प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना और दामोदर घाटी निगम के सहयोग से सिंचाई सुविधाओं को मजबूत कर कृषि विकास को गति देने पर भी जोर दिया।
बंगाल की नगर विकास मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने कहा कि इसका उद्देश्य स्वच्छ, हरित और आधुनिक बंगाल का निर्माण करना है। उन्होंने कहा कि पर्यावरणीय स्थिरता और जीवन की गुणवत्ता में सुधार सरकार, संस्थानों और नागरिकों के साझा प्रयासों से ही संभव है।
उन्होंने कहा कि “स्वच्छ बंगाल” की अवधारणा “सोनार बंगाल” और “विकसित भारत” के व्यापक लक्ष्य से जुड़ी हुई है तथा आधुनिक और पर्यावरण-अनुकूल शहरी केंद्रों के निर्माण के लिए सभी की सहभागिता आवश्यक है।
सरकार के अनुसार, ‘स्वच्छता’ ऐप का शुभारंभ शहरी प्रशासन में नागरिक भागीदारी बढ़ाने और तकनीक आधारित समाधान के माध्यम से स्वच्छ भारत मिशन के उद्देश्यों को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। --------------------
हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर

