बंगाल : ईडी ने पूर्व पुलिस अधिकारी शांतनु सिन्हा विश्वास के करीबी अधिकारियों और परिवार को समन
कोलकाता, 24 जून (हि.स.)। पश्चिम बंगाल में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने जमीन कब्जा, रंगदारी और अवैध धन लेनदेन से जुड़े सोना पप्पू मामले में जांच का दायरा बढ़ा दिया है। केंद्रीय एजेंसी ने कोलकाता पुलिस के पूर्व उपायुक्त शांतनु सिन्हा विश्वास के करीबी बताए जा रहे 3 पुलिस अधिकारियों को पूछताछ के लिए समन भेजा है। इनमें दक्षिण कोलकाता में तैनात एक उपनिरीक्षक भी शामिल हैं।
सूत्रों के अनुसार, ईडी ने कसबा के व्यवसायी विश्वजीत पोद्दार उर्फ सोना पप्पू की पत्नी सोमा और उनके परिवार के अन्य सदस्यों को भी इस सप्ताह केंद्रीय जांच एजेंसी के कार्यालय में पेश होने का निर्देश दिया है। एजेंसी सोना पप्पू से जुड़े वित्तीय लेनदेन और संपत्तियों के संबंध में पूछताछ करना चाहती है।
दक्षिण कोलकाता के बालीगंज निवासी सोना पप्पू के खिलाफ जमीन कब्जाने, रंगदारी वसूली और अन्य आपराधिक मामलों के आरोप हैं। उनके खिलाफ शस्त्र अधिनियम के तहत भी मामला दर्ज है। इन्हीं आरोपों के आधार पर ईडी ने धनशोधन के पहलू से जांच शुरू की थी।
जांच के दौरान बेहाला के व्यवसायी जय कामदार का नाम सामने आया था, जिन्हें ईडी ने गिरफ्तार किया था। इसी मामले में केंद्रीय एजेंसी ने पूर्व पुलिस अधिकारी शांतनु सिन्हा विश्वास के फर्न रोड स्थित आवास पर तलाशी अभियान भी चलाया था।
तलाशी के अगले दिन ईडी ने सोना पप्पू से जुड़े मामले में शांतनु सिन्हा विश्वास और उनके 2 पुत्रों सायंतन तथा मनीष को सीजीओ कॉम्प्लेक्स स्थित कार्यालय में तलब किया था। हालांकि, उस दिन इनमें से कोई भी एजेंसी के समक्ष पेश नहीं हुआ था।
इससे पहले अप्रैल में ईडी ने कालीघाट थाने के पूर्व थाना प्रभारी शांतनु सिन्हा विश्वास को कथित बालू तस्करी मामले की जांच में भी तलब किया था। कई बार समन की अवहेलना के बाद उनके खिलाफ देश छोड़ने से रोकने के लिए निगरानी परिपत्र जारी किया गया था। बाद में वह ईडी के कार्यालय पहुंचे, जहां पूछताछ के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
सोना पप्पू भी लंबे समय तक एजेंसी की पकड़ से बाहर रहे थे। पिछले महीने वह अचानक अपनी पत्नी के साथ सीजीओ कॉम्प्लेक्स पहुंचे थे। लंबी पूछताछ के बाद ईडी ने उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया था। वर्तमान में शांतनु सिन्हा विश्वास, जय कामदार और सोना पप्पू न्यायिक हिरासत में हैं।
ईडी की जांच में सोना पप्पू के घर पर तलाशी के दौरान 7 मिलीमीटर की एक पिस्तौल बरामद होने का भी उल्लेख है। एजेंसी के अनुसार, यह पिस्तौल जनवरी में सोना पप्पू ने अपनी पत्नी के नाम पर खरीदी थी। जांच एजेंसी का दावा है कि हथियार जय कामदार की कंपनी ने बेचा था।
एजेंसी ने यह भी आरोप लगाया है कि सोना पप्पू की पत्नी के नाम पर दर्ज एक कंपनी और जय कामदार के बीच वित्तीय लेनदेन हुआ था। जांच में सोना पप्पू से जुड़े करीब 1.5 करोड़ रुपये के लेनदेन का भी उल्लेख किया गया है। हालांकि, जय कामदार का दावा है कि उन्होंने सोना पप्पू और उनकी पत्नी की कंपनी से व्यावसायिक जरूरतों के लिए ऋण लिया था।
सोना पप्पू की पत्नी ने पिस्तौल के संबंध में पहले कहा था कि उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। अब ईडी परिवार के सदस्यों और पुलिस अधिकारियों से पूछताछ कर कथित धनशोधन नेटवर्क तथा आरोपितों के संपर्कों की जांच आगे बढ़ाने की तैयारी में है।-----------------
हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर

