(राउंडअप) कोलकाता में दुर्गापूजा पंडाल हादसे के बाद सुरक्षा इंतजामों की पड़ताल के लिए विशेष टीम गठित
- मृतक परिजनों को 25 लाख और परिवार के एक सदस्य को नौकरी - अस्पताल जाकर घायलों से मिले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह
कोलकाता, 18 अक्टूबर (हि.स.)। उत्तर कोलकाता के चोरबागान में दुर्गापूजा मंडप में हुए भीषण हादसे के बाद राज्य प्रशासन ने शहर के अन्य बड़े पूजा पंडालों की सुरक्षा को लेकर सतर्कता बढ़ा दी है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने शनिवार रात ही कोलकाता के प्रमुख दुर्गापूजा पंडालों की व्यवस्थाओं की जांच के लिए एक विशेष टीम गठित की। टीम की रिपोर्ट के आधार पर संबंधित पूजा समितियों को आवश्यक कदम उठाने होंगे। इसके साथ ही हादसे की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित करने की भी घोषणा की है। इसमें एसटीएफ, सीआईडी सहित विभिन्न एजेंसियों के अधिकारी शामिल होंगे।
निरीक्षण दल में राज्य के आपदा प्रबंधन विभाग के सचिव राजेश सिंह, अग्निशमन विभाग के महानिदेशक अनुज शर्मा और स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) के अतिरिक्त महानिदेशक जावेद शमीम शामिल होंगे। कोलकाता पुलिस इस टीम को आवश्यक सहयोग देगी, जबकि राज्य के पुलिस महानिदेशक निरीक्षण कार्य का मार्गदर्शन करेंगे। पंडालों का निरीक्षण करने के बाद टीम अपनी रिपोर्ट राज्य की गृह सचिव संघमित्रा घोष को सौंपेगी।
मुख्यमंत्री ने पूजा समितियों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि निरीक्षण दल की सिफारिशों का पालन करना अनिवार्य होगा। कहा कि यदि किसी पंडाल की संरचना कमजोर है और उसमें बदलाव करने से उसके क्षतिग्रस्त होने या गिरने का खतरा है, तो वहां केवल पुरोहितों के जरिए पूजा और संकल्प कराया जा सकता है। श्रद्धालुओं के लिए बाहर एलईडी स्क्रीन लगाकर पंडाल के भीतर के कार्यक्रमों का प्रसारण किया जा सकता है।
शनिवार रात हादसे की सूचना के बाद मुख्यमंत्री कोलकाता मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल पहुंचे, जहां घायलों को भर्ती कराया गया था। उन्होंने अस्पताल प्रशासन संग आपात बैठक कर घायलों के उपचार की व्यवस्था की समीक्षा की। इसके बाद देर रात वह चोरबागान स्थित घटनास्थल पर भी पहुंचे और वहां की स्थिति का जायजा लिया।
पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री ने बताया कि गठित टीम शहर के प्रमुख पूजा पंडालों का निरीक्षण करेगी। पूजा समितियों को सुरक्षा संबंधी निर्देशों का पालन करना होगा और जरूरत पड़ने पर पूजा के आयोजन को सीमित करना होगा।
मुख्यमंत्री ने चोरबागान हादसे की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित करने की भी घोषणा की है। इसमें एसटीएफ, सीआईडी सहित विभिन्न एजेंसियों के अधिकारी शामिल होंगे। जांच दल का नेतृत्व एक न्यायाधीश करेंगे। इसके लिए मुख्यमंत्री कलकत्ता उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश रविंद्र घुगे को पत्र लिखेंगे। प्रस्तावित जांच दल प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज करने के साथ हादसे से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जांच करेगा, ताकि दुर्घटना के कारणों का पता लगाया जा सके।
इस बीच कोलकाता में मौजूद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार सुबह अस्पताल पहुंच कर घायलों से मुलाकात की। उन्होंने प्रभावित परिवारों के प्रति सहानुभूति व्यक्त करते हुए हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। हादसे के मद्देनजर गृह मंत्री ने पहले ही अपने सारे पूर्व निर्धारित कार्यक्रम रद्द करने की घोषणा कर दी थी। उधर राज्यपाल आरएन रवि ने भी अस्पताल पहुंचकर घायलों का हाल-चाल पूछा।
शनिवार रात हुए हादसे में अब तक सामने आई मृतकों की सूची में आरती सरकार विश्वास (45), टगर बेज (37), तानिया विश्वास (18), स्नेहा भंडारी (20), संदीप बेज (14), पियाली प्रमाणिक (25), प्रिया समाद्दार (18), प्रांजल सरकार (13), दिलीप घोष (59), कल्पना जाना (46), श्रीपर्णा पोद्दार (26), मिठू मंडल (45), आकृति कुमारी (17), वर्णाली हालदार (17), शुभम शंकर (33), विकास भट्टाचार्य (66) और दीपाली घोष के नाम शामिल हैं। हादसे में बिहार के एक ही परिवार के दो सदस्यों, अभिषेक श्रीवास्तव (38) और आयांश कुमार श्रीवास्तव (7) की मौत होने की खबर है।
मुख्यमंत्री ने हादसे में जान गंवाने वालों और घायलों के परिवारों के लिए आर्थिक सहायता की घोषणा की है। राज्य सरकार मृतकों के प्रत्येक परिवार को 25 लाख का मुआवजा देगी। साथ ही, प्रत्येक मृतक के परिवार के एक सदस्य को ग्रुप-डी पद पर नौकरी दी जाएगी। घायलों के इलाज का पूरा खर्च राज्य सरकार वहन करेगी और उन्हें पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता भी दी जाएगी।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कार्यालय की ओर से भी मृतकों के परिजनों को दो लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की गई है।
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हिन्दुस्थान समाचार / संतोष मधुप

