बंगाल पहुंचा जापान का सात सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल, उद्योग मंत्री से की निवेश और नवीकरणीय ऊर्जा पर चर्चा
कोलकाता, 11 सितंबर (हि.स.)। भारत और जापान के बीच व्यापार, निवेश तथा सांस्कृतिक संबंधों को और मजबूत करने के उद्देश्य से जापान के सात सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को पश्चिम बंगाल के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री तापस राय से मुलाकात की। विदेश मामलों के राज्य मंत्री अयानो कुनिमित्सु के नेतृत्व में पहुंचे प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक में राज्य में जापानी निवेश, नवीकरणीय ऊर्जा और कोलकाता-जापान के बीच हवाई संपर्क बढ़ाने सहित कई मुद्दों पर चर्चा हुई।
बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में तापस राय ने बताया कि दोनों पक्षों ने पश्चिम बंगाल और जापान के बीच द्विपक्षीय व्यापार, कारोबारी सहयोग तथा सांस्कृतिक संबंधों को विस्तार देने के उपायों पर विचार किया। उन्होंने कहा कि जापानी कंपनियों ने पश्चिम बंगाल के नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में विशेष रुचि दिखाई है।
मंत्री ने बताया कि जापानी कंपनियां पश्चिम बंगाल के ऊर्जा क्षेत्र में नवीकरणीय स्रोतों की हिस्सेदारी बढ़ाने को लेकर इच्छुक हैं। बैठक में राज्य के कुल ऊर्जा मिश्रण में नवीकरणीय ऊर्जा का हिस्सा बढ़ाने और इस क्षेत्र में संभावित निवेश पर चर्चा हुई।
बैठक में कोलकाता और जापान के बीच हवाई संपर्क मजबूत करने का मुद्दा भी उठा। तापस राय ने बताया कि दोनों पक्षों ने सीधी उड़ानों के साथ-साथ पारगमन केंद्रों के माध्यम से उपलब्ध हवाई सेवाओं को बेहतर बनाने की संभावनाओं पर चर्चा की। बेहतर हवाई संपर्क से व्यापार और पर्यटन के साथ दोनों देशों के बीच लोगों की आवाजाही बढ़ने की उम्मीद है।
मंत्री ने कहा कि जापानी और भारतीय दोनों कंपनियां पश्चिम बंगाल में ‘बाधारहित’ कारोबारी माहौल चाहती हैं। राज्य सरकार ने प्रतिनिधिमंडल को निवेश के लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है। ‘बाधारहित’ माहौल से संबंधित सवाल पर राय ने कहा कि घरेलू निवेशकों ने भी ऐसी ही मांग की है। उन्होंने पिछली सरकार के कार्यकाल में कथित रूप से बने प्रतिकूल निवेश माहौल का उल्लेख किया।
तापस राय ने जापानी रासायनिक कंपनी मित्सुबिशी केमिकल के पश्चिम बंगाल से बाहर जाने का भी उल्लेख किया। उन्होंने सवाल उठाया कि कंपनी को राज्य छोड़ने की जरूरत क्यों पड़ी। हालांकि, उन्होंने कंपनी के राज्य से बाहर जाने की परिस्थितियों के बारे में विस्तार से जानकारी नहीं दी।
मंत्री ने बताया कि वर्ष 2027 में भारत और जापान के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना के 75 वर्ष पूरे होने के अवसर पर पश्चिम बंगाल में कई कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि इस अवसर पर खाद्य एवं सांस्कृतिक महोत्सव समेत विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।
उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री तापस राय ने कहा कि जापानी प्रतिनिधिमंडल के साथ हुई बैठक पश्चिम बंगाल और जापान के बीच आर्थिक, कारोबारी तथा सांस्कृतिक संबंधों को नई मजबूती देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।---------------
हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर

