आईआईटी खड़गपुर में ‘सुर जहान’ अंतरराष्ट्रीय लोक संगीत महोत्सव का आयोजन
खड़गपुर, 21 जनवरी (हि.स.)। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) खड़गपुर की स्थापना के 75वें वर्ष (प्लैटिनम जुबली) के अवसर पर अंतरराष्ट्रीय लोक संगीत महोत्सव ‘सुर जहान’ का आयोजन आगामी 30 जनवरी से एक फरवरी तक होने जा रहा है। इस त्रिदिवसीय महोत्सव में आयोजित देश-विदेश की लोक सांस्कृतिक परंपराओं का संगम देखने को मिलेगा।
महोत्सव में चार देशों के अंतरराष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त लोक संगीत दल भाग लेंगे। इसमें लातविया से सौसेयास, स्पेन से विगुएला, डेनमार्क से रेडिएंट आर्केडिया और हंगरी का फोल्कर बैंड अपनी पारंपरिक एवं समकालीन लोक संगीत प्रस्तुतियों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध करेंगे।
भारतीय लोक परंपराओं का प्रतिनिधित्व करते हुए गुजरात के प्रसिद्ध ‘सिद्दी गोमा’ नर्तक और पश्चिम बंगाल के ‘बाउल’ कलाकार आध्यात्मिक एवं जीवंत प्रस्तुतियां देंगे। इसके अलावा ओडिशा के कोरापुट क्षेत्र की ‘डुरुआ’ जनजाति का लोक नृत्य तथा पश्चिम बंगाल की संथाली कठपुतली कला ‘चादर बादर’ भी दर्शकों के आकर्षण का केंद्र रहेगी।
सांध्यकालीन सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ-साथ दिन के समय विभिन्न कार्यशालाओं का आयोजन किया जाएगा। इन कार्यशालाओं के माध्यम से युवाओं को लोक वाद्ययंत्रों और लुप्तप्राय लोक शैलियों से परिचित कराने के साथ कलाकारों और श्रोताओं के बीच संवाद स्थापित करने का प्रयास किया जाएगा।
आयोजन समिति ने संस्थान के प्राध्यापकों, विद्यार्थियों, कर्मचारियों एवं पूर्व छात्रों सहित सभी संगीत प्रेमियों से इस सांस्कृतिक आयोजन में सहभागिता करने की अपील की है। ‘सुर जहान’ महोत्सव न केवल संगीत का उत्सव होगा, बल्कि विविधता में एकता और वैश्विक भाईचारे का सशक्त संदेश भी देगा।
उल्लेखनीय है कि, वर्ष 1951 में ऐतिहासिक हिजली बंदी शिविर की भूमि पर स्थापित आईआईटी खड़गपुर देश के सबसे बड़े तकनीकी शिक्षण संस्थानों में शुमार है। अपने गौरवशाली 75 वर्षों की यात्रा के उपलक्ष्य में संस्थान ने “विश्व शांति और सर्वव्यापी संगीत” के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया है।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / अभिमन्यु गुप्ता

