मुख्य चुनाव आयुक्त का मजाक उड़ाते पोस्टर, ममता बनर्जी के आवास वाले वार्ड में लगे
कोलकाता, 07 मार्च (हि.स.)। चुनाव आयोग के पूर्ण पीठ रविवार रात कोलकाता आगमन से एक दिन पहले पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के आवास वाले वार्ड में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का मजाक उड़ाने वाला पोस्टर लगाया गया हैं।
चुनाव आयोग की पूर्ण पीठ, जिसका नेतृत्व मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार कर रहे हैं, अगले दो दिनों के व्यस्त कार्यक्रम के साथ कोलकाता पहुंचेगी। इस दौरान आयोग “तार्किक विसंगति” श्रेणी में चिह्नित मतदाताओं के दस्तावेजों से जुड़े न्यायिक मामलों की समीक्षा करेगा तथा इस वर्ष होने वाले महत्वपूर्ण विधानसभा चुनाव की तैयारियों का भी जायजा लेगा।
तृणमूल कांग्रेस की स्थानीय इकाई ने इन पोस्टरों को लगाने की जिम्मेदारी स्वीकार की है। पोस्टर एक कार्टून के रूप में बनाए गए हैं, जिसमें मुख्य चुनाव आयुक्त को जमीन पर पड़े हुए और माफी मांगते हुए दिखाया गया है। कार्टून में एक महिला का मुक्का उनके चेहरे पर पड़ता दिखाया गया है, हालांकि महिला का चेहरा नहीं दिखाया गया है। उस मुक्के पर “बाघिन” लिखा हुआ है। चित्र में सफेद आधार और हल्की नीली किनारी वाली साड़ी का आभास भी दिखाई देता है, जिसे मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पहचान माना जाता है। पोस्टर में एक न्यायाधीश को अपनी कुर्सी पर बैठे हुए भी दिखाया गया है।
वहीं, पश्चिम बंगाल की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने इस पोस्टर को “घटिया मानसिकता और अत्यंत अपमानजनक अभिव्यक्ति” करार दिया है।
कोलकाता नगर निगम में भाजपा पार्षद सजल घोष ने कहा कि चुनाव आयोग भारतीय लोकतंत्र की एक महत्वपूर्ण संस्था है और उसके प्रमुख के प्रति इस तरह का अपमान अस्वीकार्य है। उन्होंने कहा कि यह विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान को लेकर तृणमूल कांग्रेस की बेचैनी को भी दर्शाता है, जिसके चलते लाखों कथित फर्जी मतदाताओं के नाम हटाए जाने की बात सामने आई है।
राजनीतिक पर्यवेक्षकों का मानना है कि चुनाव आयोग की पूर्ण पीठ के दौरे से ठीक पहले इन पोस्टरों को जानबूझकर सार्वजनिक स्थानों पर लगाया गया है, जहां से प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग गुजरते हैं।------------------
हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर

