विश्व मंच पर दार्जिलिंग की टॉय ट्रेन, यूनेस्को बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व करेगा डीएचआर
सिलीगुड़ी, 14 जुलाई (हि. स.)। पहाड़ों की खूबसूरती के बीच चलने वाली दार्जिलिंग की मशहूर टॉय ट्रेन अब अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करने जा रही है। दार्जिलिंग हिमालयन रेलवे (डीएचआर) को दक्षिण कोरिया के बुसान शहर में आयोजित यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज साइट मैनेजर्स फोरम में भाग लेने का मौका मिला है।
यह अंतरराष्ट्रीय बैठक 16 जुलाई से शुरू होकर आठ दिनों तक चलेगी, जिसमें भारत समेत कुल 21 देशों के प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे।
डीएचआर के निदेशक ऋषभ चौधरी इस बैठक में भाग लेने के लिए दिल्ली से दक्षिण कोरिया रवाना हो रहे है। उन्होंने कहा कि इस मंच पर दार्जिलिंग की टॉय ट्रेन को एक ‘लिविंग हेरिटेज’ के रूप में प्रस्तुत किया जाएगा। खास बात यह है कि पहली बार डीएचआर इस मंच पर देश का प्रतिनिधित्व करेगा।
बैठक में यह दिखाया जाएगा कि कैसे यह ऐतिहासिक रेल सेवा समतल से पहाड़ तक अपने अनोखे सफर के जरिए दशकों से पर्यटकों को आकर्षित करती रही है और दार्जिलिंग की संस्कृति के साथ इसका गहरा संबंध है।
इस सम्मेलन में विश्व के विभिन्न देशों के विरासत स्थलों के संरक्षण और आधुनिकीकरण पर चर्चा होगी।
डीएचआर अधिकारियों के मुताबिक, यहां से मिले अनुभव टॉय ट्रेन की सेवाओं और इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर बनाने में मदद करेंगे।
साथ ही, प्रतिनिधियों को कई अंतरराष्ट्रीय हेरिटेज साइट्स का दौरा भी कराया जाएगा, जहां से सीख लेकर दार्जिलिंग टॉय ट्रेन को और आधुनिक बनाया जा सकेगा, बिना इसकी ऐतिहासिक पहचान को नुकसान पहुंचाए।--------------
हिन्दुस्थान समाचार / सचिन कुमार

