home page

तारातला हादसे पर मुख्यमंत्री ने कहा- वास्तुकार और डिजाइनर होंगे ब्लैकलिस्ट

 | 
तारातला हादसे पर मुख्यमंत्री ने कहा- वास्तुकार और डिजाइनर होंगे ब्लैकलिस्ट


कोलकाता, 26 जून (हि.स.)। कोलकाता के तारातला में निर्माणाधीन गोदाम की छत ढहने की घटना के बाद पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने शुक्रवार को बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि परियोजना की निगरानी के लिए जिम्मेदार वास्तुकार और डिजाइनर को तत्काल प्रभाव से ब्लैकलिस्ट किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई सिर्फ शुरुआत है और भविष्य में निगरानी में लापरवाही बरतने वाले किसी भी वास्तुकार, योजनाकार या डिजाइनर के खिलाफ इसी तरह की कार्रवाई की जाएगी।

कोलकाता के मैदान स्थित लोक निर्माण विभाग के शिविर में मुख्यमंत्री ने कहा कि शनिवार को सरकारी कार्यालय खुलते ही कोलकाता नगर निगम की आयुक्त एवं प्रशासक स्मिता पांडे ब्लैकलिस्ट करने की प्रक्रिया शुरू करेंगी। उन्होंने कहा कि वास्तुकार, योजनाकार, डिजाइनर और उनसे जुड़ी संस्थाएं स्वीकृत परियोजनाओं की निगरानी करने के लिए जिम्मेदार होती हैं। उन्होंने लिखित आश्वासन दिया था कि निर्माण कार्य की देखरेख करेंगे, लेकिन तारातला मामले में ऐसा नहीं किया गया। इसलिए उन्हें ब्लैकलिस्ट किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार कोलकाता में निर्माण कार्यों से जुड़े पूरे अवैध गठजोड़ को खत्म करेगी। उन्होंने कहा, कोलकाता के हर अवैध गठजोड़ को तोड़ा जाएगा। इसमें जो भी शामिल होगा, चाहे उसका पद कुछ भी हो, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।

इस बीच, तारातला गोदाम हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर 15 हो गई है। मलबे में अभी भी संभावित रूप से फंसे लोगों की तलाश के लिए बचाव अभियान लगातार जारी है। बुधवार को निर्माणाधीन गोदाम की छत उस समय ढह गई थी, जब ताजा डाले गए कंक्रीट का भार लोहे के बीम और धातु की चादरें नहीं झेल सकीं, जिससे दर्जनों मजदूर मलबे में दब गए।

घटना में अब तक 18 घायल मजदूर एसएसकेएम अस्पताल में भर्ती हैं, जिनमें कुछ की हालत गंभीर बनी हुई है। बचाव अभियान में सेना, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल, राज्य आपदा मोचन बल, कोलकाता पुलिस, दमकल विभाग और अन्य एजेंसियां लगातार जुटी हुई हैं।

मुख्यमंत्री ने गुरुवार को विधानसभा में बताया था कि मामले में प्राथमिकी दर्ज कर छह लोगों को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने गोदाम के निर्माण को संरचनात्मक रूप से दोषपूर्ण बताते हुए कोलकाता नगर निगम क्षेत्र तथा आसपास के राजारहाट, सोनारपुर, बारुईपुर और महेशतला में सभी निर्माणाधीन परियोजनाओं पर व्यापक ऑडिट पूरा होने तक रोक लगाने की घोषणा की थी।

उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली तृणमूल कांग्रेस सरकार के दौरान हुई कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के कारण यह हादसा हुआ। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि स्वीकृत भवन योजना पर तत्कालीन मेयर फिरहाद हकीम के हस्ताक्षर थे और इसे दोषपूर्ण डिजाइन बताया।

इस मामले में पुलिस की विशेष जांच टीम ने पूर्व मेयर के तत्कालीन विशेष कार्याधिकारी कालीचरण बनर्जी सहित 6 आरोपितों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार अन्य लोगों में बेहरा ब्रदर्स कंपनी का एक मालिक, संरचनात्मक अभियंता कमल सामंत, पर्यवेक्षक सैयद मोहम्मद गुलजार, श्रमिक आपूर्तिकर्ता दिवाकर भंडारी और बिचौलिया अब्दुल हमीद शामिल हैं।

उधर, तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कुणाल घोष ने भी शुक्रवार को फिरहाद हकीम की गिरफ्तारी की मांग करते हुए कहा कि यदि भवन योजना पर उनके हस्ताक्षर हैं तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए। हालांकि, फिरहाद हकीम ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि मेयर भवन योजनाओं को तकनीकी मंजूरी नहीं देते और उन्हें इस हादसे के लिए जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता।------------------

हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर