तृणमूल का अर्थ है तोलाबाजी, तानाशाही और तुष्टीकरण : जेपी नड्डा
कूचबिहार, 19 अप्रैल (हि.स.)। पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव प्रचार के बीच रविवार को कूचबिहार के शीतलकूची में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने ममता बनर्जी पर जमकर हमला बाेला। उन्हाेंने प्रदेश की सत्तारुढ़ तृणमूल कांग्रेस सरकार की आलोचना कहा है कि तृणमूल का अर्थ है तोलाबाजी, तानाशाही (अत्याचार) और तुष्टीकरण। बंगाल में ममता सरकार ने आम आदमी को मुसीबत में डाल दिया है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि अब भी, अगर कोई अपने घर के लिए दीवार बनाना चाहता है, तो तृणमूल सिंडिकेट को इसके लिए भुगतान करना होगा। बंगाल की लड़की ॠतु प्रामाणिक, जो अपना छोटा सा घर बना रही थी, उसे एक लाख रुपये देने के लिए मजबूर किया गया। जब तक पैसे नहीं दिये गए तब तक मजदूर भी उनके घर पर काम करने नहीं आए। आखिरकार उन्होंने अपने गहने बेच दिए और अपने हिस्से का भुगतान किया, तभी वे अपना घर बनाने में सक्षम हुईं।
उन्हाेंने कहा कि तृणमूल का अर्थ है तोलाबाजी, तानाशाही (अत्याचार) और तुष्टीकरण। घर बनाने के लिए लोगों को पहले सिंडिकेट को रिश्वत देनी होती है। ऐसी सरकार को सत्ता से बाहर कर दिया जाना चाहिए। नड्डा ने आगे कहा, मेरी बात सुनो, टीएमसी के गुंडों, 5 मई के बाद आपके दिन खत्म हो जाएगा। टीएमसी के गुंडों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी और हम राम राज्य की ओर बढ़ेंगे।
उन्होंने कहा, ममता सरकार का उत्तर बंगाल के प्रति शत्रुतापूर्ण रवैया है। ममता सरकार नहीं चाहती कि उत्तर बंगाल का विकास हो। यहां विकास बार-बार रुका हुआ है। यहां के लोगों का शोषण किया गया है, और यहां तक कि चाय बागान भी संकट में है। चाय के उत्पादन में लगभग 15 प्रतिशत की गिरावट आई है। लगभग 80 प्रतिशत चाय बागान या तो बंद हो गए हैं या कमजोर हो गए हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / संतोष मधुप

