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महिला आरक्षण का बिल का विरोध बेहद दुखद है : कोयला मंत्री जी किशन रेड्डी

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महिला आरक्षण का बिल का विरोध बेहद दुखद है : कोयला मंत्री जी किशन रेड्डी


आसनसोल, 19 अप्रैल (हि.स.)। केन्द्रीय कोयला मंत्री जी. किशन रेड्डी ने महिला आरक्षण बिल को लेकर विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि संसद में महिलाओं को 30 प्रतिशत आरक्षण देने वाले बिल को लेकर देशभर में खुशी का माहौल था और उन्होंने खुद संकल्प लिया था कि बिल पास होने पर इस मुद्दे को लेकर जनता के बीच जाएंगे। लेकिन विपक्षी दलों ने इसका विरोध कर महिलाओं को उनके अधिकार से वंचित कर दिया।

केन्द्रीय मंत्री आसनसोल उत्तर धधका स्थित भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) जिला कार्यालय में रविवार काे आयाेजित संवाददाता सम्मेलन काे संबाेधित कर रहे थे। इस मौके पर भाजपा जिलाध्यक्ष देवतनु भट्टाचार्य, मीडिया प्रभारी मदन चौबे, जिला कमेटी सदस्य आशा शर्मा समेत अन्य माैजूद रहे। संवाददाता सम्मेलन के पूर्व केंद्रीय कोयला मंत्री ने रानीगंज में कार्यकर्ता सम्मेलन काे भी संबाेधित किया।

उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, समाजवादी पार्टी (एसपी), राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) और अन्य सहयोगी दलों ने मिलकर इस बिल का विरोध किया और देश की करोड़ों महिलाओं की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार लगातार महिलाओं, युवाओं और वंचित वर्गों के उत्थान के लिए काम कर रही है, लेकिन विपक्ष केवल विरोध की राजनीति कर रहा है।

रेड्डी ने कहा कि संसद में महिलाओं के आरक्षण पर वर्षों से चर्चा होती रही है और कई बार बिल पेश भी किया गया, लेकिन हर बार विपक्ष के विरोध के कारण इसे लागू नहीं किया जा सका। उन्होंने तृणमूल कांग्रेस पर भी निशाना साधते हुए कहा कि एक महिला नेतृत्व वाली पार्टी होने के बावजूद तृणमूल ने महिलाओं के हित में कदम नहीं उठाया।

उन्होंने जनसंख्या और संसदीय सीटों के मुद्दे पर भी बात करते हुए कहा कि जब देश की आबादी 56 करोड़ थी, तब संसद की सीटें निर्धारित की गई थीं, जबकि आज देश की जनसंख्या 146 करोड़ से अधिक हो चुकी है। ऐसे में डिलिमिटेशन के जरिए सीटों की संख्या बढ़ाना आवश्यक है ताकि नए नेतृत्व को राजनीति में आने का अवसर मिल सके।

पश्चिम बंगाल की स्थिति पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि एक समय यह राज्य देश का औद्योगिक और आर्थिक मॉडल था, लेकिन आज यहां उद्योग बंद हो रहे हैं, रोजगार के अवसर घट रहे हैं और कानून-व्यवस्था की स्थिति भी चिंता का विषय बनी हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में घुसपैठ, माफिया और राजनीतिक हिंसा के कारण विकास बाधित हुआ है।

रेड्डी ने कहा कि पिछले 15 वर्षों में तृणमूल सरकार को जनता मौका दे चुकी है, लेकिन अपेक्षित विकास नहीं हुआ। उन्होंने लोगों से अपील की कि राज्य के विकास और बेहतर भविष्य के लिए भाजपा को समर्थन दें और “डबल इंजन सरकार” बनाएं।

कोयला क्षेत्र से जुड़े मुद्दों पर बोलते हुए उन्होंने ईस्टर्न कोलफील्ड लिमिटेड (ईसीएल)श्रमिकों के बकाया वेतन का मामला संज्ञान में लेने की बात कही। उन्होंने कहा कि श्रमिकों को समय पर वेतन मिलना चाहिए और प्रबंधन को इसके लिए निर्देश दिए जाएंगे। उन्होंने आश्वासन दिया कि कोयला तस्करी और माफिया गतिविधियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल को विकास की राह पर वापस लाने के लिए ठोस निर्णय लेने की जरूरत है और इसके लिए जनता का सहयोग बेहद जरूरी है।

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हिन्दुस्थान समाचार / संतोष विश्वकर्मा