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उपराष्ट्रपति ने किया पंजाब विश्वविद्यालय में उन्नत रिसर्च सुविधाओं का उद्घाटन, पीयू को विश्वस्तरीय संस्थान बनाने का आह्वान

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उपराष्ट्रपति ने किया पंजाब विश्वविद्यालय में उन्नत रिसर्च सुविधाओं का उद्घाटन, पीयू को विश्वस्तरीय संस्थान बनाने का आह्वान


- भारत गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और अनुसंधान के लिए वैश्विक गंतव्य के रूप में उभर रहा है: उपराष्ट्रपति

चंडीगढ़, 04 सितंबर (हि.स.)। भारत के उपराष्ट्रपति एवं पंजाब विश्वविद्यालय के पदेन कुलाधिपति सी. पी. राधाकृष्णन ने गुरुवार को पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ़ का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने सोफिस्टिकेटेड एनालिटिकल इंस्ट्रूमेंट फैसिलिटी/सेंट्रल इंस्ट्रूमेंटेशन लेबोरेटरीज (एसएआईएफ/सीआईएल) में उन्नत इंस्ट्रूमेंटेशन सुविधा और पंजाब विश्वविद्यालय टेक इनोवेशन फोरम (पीयू-टीआईएफ) का उद्घाटन किया।

इस अवसर पर उपराष्ट्रपति ने कहा कि पंजाब विश्वविद्यालय की स्थापना 1882 में हुई थी और तब से इस संस्थान ने राष्ट्र निर्माण में नेताओं, न्यायविदों, वैज्ञानिकों, खिलाड़ियों और लोक सेवकों की कई पीढ़ियां तैयार की हैं। उन्होंने विश्वविद्यालय समुदाय से सामूहिक प्रयास कर इसे उच्च शिक्षा और अनुसंधान के विश्वस्तरीय संस्थान में बदलने का आह्वान किया।

राधाकृष्णन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत के उच्च शिक्षा और वैज्ञानिक अनुसंधान पारितंत्र में व्यापक बदलाव आया है। भारत अब गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार के वैश्विक केंद्र के रूप में उभर रहा है।

उपराष्ट्रपति ने बताया कि पांच उन्नत वैज्ञानिक उपकरण—एटॉमिक फोर्स माइक्रोस्कोप, रमन स्पेक्ट्रोमीटर, डीएनए सीक्वेंसर, फ्लो साइटोमीटर और एफटीआईआर स्पेक्ट्रोमीटर-विश्वविद्यालय की अनुसंधान क्षमताओं को मजबूत करेंगे। इन सुविधाओं से नैनोटेक्नोलॉजी, पदार्थ विज्ञान, पर्यावरण विज्ञान और जीनोमिक्स सहित विभिन्न क्षेत्रों में शोध को बढ़ावा मिलेगा।

उन्होंने कहा कि बायो-नेस्ट का सेक्शन-8 गैर-लाभकारी कंपनी के रूप में पंजाब विश्वविद्यालय टेक इनोवेशन फोरम में रूपांतरण अनुसंधान, उद्यमिता और प्रौद्योगिकी विकास के लिए नया संस्थागत ढांचा उपलब्ध कराएगा। उन्होंने कहा कि शिक्षा जगत, उद्योग, इनक्यूबेटर और निवेशकों के बीच तालमेल से ही नवाचार को गति मिल सकती है।

युवा शोधकर्ताओं से उन्होंने ऐसे अनुसंधान पर ध्यान देने का आग्रह किया, जिसका समाज पर सीधा और सकारात्मक प्रभाव पड़े। उन्होंने छात्रों से असफलताओं से निराश न होने और समाज की वास्तविक जरूरतों के अनुरूप नवाचार विकसित करने को कहा।

उपराष्ट्रपति ने परिसर की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर भी जोर दिया। उन्होंने बताया कि एक पीएचडी छात्र की दुर्भाग्यपूर्ण मौत के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन को पूरे परिसर का सुरक्षा ऑडिट कराने के निर्देश दिए गए हैं।

उन्होंने छात्रों से नशीले पदार्थों से दूर रहने और ‘नशामुक्त भारत’ के निर्माण में योगदान देने की अपील की। कार्यक्रम में पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया, हरियाणा के राज्यपाल प्रो. आशिम कुमार घोष, सांसद मनीष तिवारी, पंजाब विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. मीनाक्षी गोयल सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / GURSHARAN SINGH