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चुनाव 26: कड़ी सुरक्षा के बीच 152 सीटों पर मतदान शुरू, शुभेंदु बोले - शांतिपूर्वक मतदान हो

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चुनाव 26: कड़ी सुरक्षा के बीच 152 सीटों पर मतदान शुरू, शुभेंदु बोले - शांतिपूर्वक मतदान हो


कोलकाता, 23 अप्रैल (हि.स.)। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के पहले चरण का मतदान गुरुवार सुबह कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शुरू हो गया। राज्य की 152 विधानसभा सीटों पर मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे हैं। सुबह से ही अनेक मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की कतारें देखी गईं। प्रशासन और चुनाव आयोग ने शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और सुव्यवस्थित मतदान के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं।

पहले चरण में राज्य के 16 जिलों की 152 सीटों पर मतदान हो रहा है। इनमें दार्जिलिंग, कलिम्पोंग, जलपाईगुड़ी, अलीपुरद्वार, कूचबिहार, उत्तर दिनाजपुर, दक्षिण दिनाजपुर, मालदा, मुर्शिदाबाद, बीरभूम, पश्चिम बर्धमान, पुरुलिया, बांकुड़ा, झाड़ग्राम, पश्चिम मेदिनीपुर और पूर्व मेदिनीपुर शामिल हैं। इन क्षेत्रों में सीमावर्ती इलाके, चाय बागान क्षेत्र, ग्रामीण क्षेत्र, आदिवासी बहुल इलाके तथा कई महत्वपूर्ण शहरी क्षेत्र भी आते हैं।

चुनाव आयोग के अनुसार इस चरण में लगभग 3.6 करोड़ मतदाता मतदान के पात्र हैं। मतदान के लिए करीब 44 हजार केंद्र बनाए गए हैं। सुबह निर्धारित समय पर मतदान प्रक्रिया आरंभ होते ही कई स्थानों पर मतदाताओं में उत्साह देखा गया। महिलाओं, युवाओं और वरिष्ठ नागरिकों की भी अच्छी भागीदारी नजर आई।

राज्य भर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। केंद्रीय सशस्त्र बलों की 2,407 कंपनियां तैनात की गई हैं। संवेदनशील और अतिसंवेदनशील केंद्रों पर अतिरिक्त बल, निगरानी दल, चित्रांकन व्यवस्था तथा विशेष पर्यवेक्षक लगाए गए हैं। त्वरित कार्रवाई दल भी सक्रिय रखे गए हैं ताकि किसी भी शिकायत या तनाव की स्थिति में तुरंत कदम उठाया जा सके।

सुबह-सुबह नेता प्रतिपक्ष और वरिष्ठ भारतीय जनता पार्टी विधायक शुभेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम पहुंचकर मतदान केंद्रों का दौरा किया। उन्होंने विभिन्न केंद्रों पर मौजूद मतदान अभिकर्ताओं से बातचीत की और कहा कि मतदान पूरी तरह शांतिपूर्ण होना चाहिए। उन्होंने प्रशासन से निष्पक्ष प्रक्रिया सुनिश्चित करने की अपील भी की।

पहले चरण में कुल 1,478 उम्मीदवार मैदान में हैं। इनमें कई दिग्गज नेता, मंत्री, पूर्व विधायक और नए चेहरे शामिल हैं। राजनीतिक दलों की नजर विशेष रूप से उत्तर बंगाल, सीमावर्ती इलाकों, ग्रामीण क्षेत्रों और अल्पसंख्यक बहुल सीटों पर टिकी हुई है।

हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर