संस्कार, संस्कृति और राष्ट्र निर्माण का केंद्र ‘विद्या भारती भवन’ का भव्य लोकार्पण
नई दिल्ली, 02 अप्रैल (हि.स.)। विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान के नव-निर्मित केंद्रीय कार्यालय ‘विद्या भारती भवन’ का गुरुवार को वैदिक विधि-विधान के साथ भव्य लोकार्पण संपन्न हुआ। दीनदयाल उपाध्याय मार्ग स्थित इस भवन का उद्घाटन भारतीय जीवन मूल्यों पर आधारित शिक्षा, संस्कार और राष्ट्र निर्माण के संकल्प को नई ऊर्जा देने वाला ऐतिहासिक अवसर माना जा रहा है।
इस समारोह में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक सुरेश सोनी, विद्या भारती के अखिल भारतीय अध्यक्ष डॉ. रविन्द्र कान्हेरे, पूज्या आनंदमूर्ति गुरु माँ, महामंत्री देशराज शर्मा सहित अनेक अतिथि उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत हवन, पूजा-अर्चना एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई, जिसके बाद सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने वातावरण को राष्ट्रभाव से ओतप्रोत कर दिया। दिल्ली प्रांत के विद्यार्थियों ने शास्त्रीय नृत्य, भगवान बिरसा मुंडा के जीवन पर आधारित नाट्य प्रस्तुति, समूहगान एवं लोकनृत्य के माध्यम से भारतीय संस्कृति की झलक प्रस्तुत की।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने विद्या भारती को शिक्षा, भाषा और कौशल विकास के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण “रेफरेंस पॉइंट” बताया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के कई प्रावधान विद्या भारती के प्रयोगों से प्रेरित हैं, विशेषकर मातृभाषा में शिक्षा और कौशल आधारित शिक्षण।
सुरेश सोनी ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल भौतिक विकास नहीं, बल्कि संवेदनशील और राष्ट्रसमर्पित व्यक्तित्व का निर्माण होना चाहिए। उन्होंने 2047 के विकसित भारत के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए मूल्य आधारित शिक्षा की आवश्यकता पर बल दिया।
महामंत्री देशराज शर्मा ने बताया कि विद्या भारती आज देश के सबसे बड़े गैर-सरकारी शैक्षिक संगठनों में से एक है, जो 684 जिलों में 24,000 से अधिक विद्यालयों, 59 महाविद्यालयों और 2 विश्वविद्यालयों के माध्यम से लगभग 33 लाख छात्रों तक शिक्षा पहुंचा रहा है। इसके अतिरिक्त, सेवा बस्तियों और ग्रामीण क्षेत्रों में हजारों एकल विद्यालयों के जरिए शिक्षा का विस्तार किया जा रहा है।
कार्यक्रम के दौरान ‘विद्या भारती भवन’ के निर्माण में योगदान देने वाले आर्किटेक्ट, इंजीनियर और कार्यकर्ताओं को सम्मानित भी किया गया। बड़ी संख्या में उपस्थित शिक्षकों, अभिभावकों और विद्यार्थियों ने इस आयोजन को ऐतिहासिक बताया।
अंत में डॉ. रविन्द्र कान्हेरे ने धन्यवाद ज्ञापन देते हुए सभी अतिथियों और कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त किया तथा इस नए भवन को संगठन के भविष्य के विस्तार का आधार स्तंभ बताया।
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हिन्दुस्थान समाचार / माधवी त्रिपाठी

