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(अपडेट) अशोक सिंघल के वेदों और संस्कृत प्रचार के सपने को आगे बढ़ाता रहेगा विहिपः आलोक कुमार

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(अपडेट) अशोक सिंघल के वेदों और संस्कृत प्रचार के सपने को आगे बढ़ाता रहेगा विहिपः आलोक कुमार


नई दिल्ली, 25 सितम्बर (हि.स.)। विश्व हिन्दू परिषद (विहिप) के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने शुक्रवार को कहा कि दिवंगत अशोक सिंघल के वेदों और संस्कृत के प्रचार के सपने को आगे बढ़ाना विहिप के लिए हमेशा विशेष महत्व का विषय रहेगा।

आलोक कुमार आज दिल्ली स्थित विश्व संवाद केंद्र, नॉर्थ एवन्यू में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने ओडिशा में स्वामी लक्ष्मणानंद सरस्वती के आश्रम का उदाहरण देते हुए कहा, हम सब लोगों ने विचार किया है कि विश्व हिन्दू परिषद (विहिप) अशोक सिंघल फाउंडेशन और सब संतों तथा समाज के अन्य संगठनों के साथ मिलकर यह पूरा वर्ष जन्म शताब्दी के निमित्त से उन सब कामों को आगे बढ़ाने के लिए समर्पित करेंगे, जिनके लिए अशोक जी ने जीवन भर काम किया है और जो उनको अत्यंत प्रिय थे।

उन्होंने कहा कि अशोक जी को वेदों से गहरा लगाव था, यहाँ तक कि वे अपना पूरा जीवन इनके प्रचार में ही लगाना चाहते थे। विहिप भी कई वेद विद्यालय चला रहा है, इसलिए वेद और संस्कृत को आगे बढ़ाना हमारे लिए हमेशा विशेष महत्व का विषय रहेगा। साथ ही, गौ-रक्षा, गौ-संवर्धन और पूरे देश में गौहत्या पर रोक लगाने के लिए केंद्रीय कानून की माँग वाले आंदोलन से हम जुड़े हैं और इसके लिए लगातार प्रयास करते रहेंगे।

आलोक कुमार ने बताया कि वर्ष 1984 में आयोजित प्रथम धर्म संसद में पूज्य संतों ने अयोध्या, मथुरा और काशी की पुनर्प्राप्ति का ऐतिहासिक संकल्प लिया था। अयोध्या में भव्य मंदिर निर्माण के साथ इस अभियान का प्रमुख चरण पूर्ण हो चुका है। अब हमारा संपूर्ण ध्यान काशी और मथुरा से संबंधित न्यायिक प्रक्रियाओं को गति देने पर है, ताकि संतों के इस संकल्प को समयबद्ध रूप से साकार किया जा सके।

उन्होंने कहा कि हमारे समाज से छल, प्रलोभन और भय के बल पर होने वाला धर्मांतरण पूरी तरह समाप्त होना चाहिए। हमारे निरंतर प्रयासों का ही परिणाम है कि भाजपा शासित राज्यों में इसके विरुद्ध कठोर कानून लागू हो चुके हैं। विश्व हिंदू परिषद 'घर वापसी' और धर्मांतरण की रोकथाम के संकल्प के साथ देश के 850 प्रखंडों में सक्रिय है। इस वर्ष हम इस अभियान को और अधिक गति और विस्तार देंगे।

उन्होंने कहा कि अशोक सिंघल फाउंडेशन द्वारा तैयार किए गए विशेष जानकारी-युक्त भव्य स्मृति स्तंभ इन सभी स्थलों पर स्थापित किए जाएंगे। इसके साथ ही देशभर में गौहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के लिए एक केंद्रीय कानून की मांग और गौसंवर्धन के कार्यों को निरंतर जारी रखा जाएगा।

आलोक कुमार ने बताया कि दिवंगत अशोक सिंघल फाउंडेशन की ओर से उनकी जन्म शताब्दी के उपलक्ष्य में जन्मशती समारोह का मुख्य उद्घाटन कार्यक्रम 27 सितंबर को भारत मंडपम में आयोजित होगा। कार्यक्रम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले भी शामिल होंगे। अशोक सिंघल के प्रेरक जीवन और संघर्षों पर आधारित एक वृहद पुस्तक प्रदर्शनी का भी आयोजन किया जाएगा।

इसके अलावा विहिप के संगठनात्मक 44 प्रांतों में एक सप्ताह के भीतर विशाल सभा और विशिष्ट आयोजन होंगे। नागपुर के कार्यक्रम में आरएसएस के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत, लखनऊ में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और गुरुग्राम में हरियाणा के मुख्यमंत्री सहित कई प्रमुख हस्तियां शामिल होंगी।

इस अवसर पर विहिप के केंद्रीय महामंत्री बजरंग बागड़ा भी उपस्थित रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / श्रद्धा द्विवेदी