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दिल्ली के धार्मिक स्थलों को समाज सेवा के सशक्त केंद्र बनाए सरकार: विहिप

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दिल्ली के धार्मिक स्थलों को समाज सेवा के सशक्त केंद्र बनाए सरकार: विहिप


नई दिल्ली, 12 मई (हि.स.)।

विश्व हिन्दू परिषद (विहिप) ने दिल्ली सरकार से राजधानी के हिन्दू मंदिरों, गुरुद्वारों, जैन स्थानकों एवं आर्य समाज मंदिरों को और अधिक सशक्त, सुरक्षित और पारदर्शी बनाने का आग्रह किया है।

विहिप के 'मंदिर अर्चक आयाम' द्वारा दिल्ली भर में चलाए जा रहे 'मंदिर संपर्क अभियान' के अंतर्गत हजारों मंदिर समितियों, पुजारियों और धार्मिक संस्थाओं से हुए संवाद के आधार पर विहिप ने सरकार के समक्ष समाज हित में 8-सूत्री रचनात्मक सुझाव प्रस्तुत किए हैं।

विहिप के इंद्रप्रस्थ प्रांत के मंत्री सुरेन्द्र कुमार गुप्ता ने दिल्ली के उपराज्यपाल और मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में सरकार को दिए गए सुझावों में मंदिरों अथवा धार्मिक स्थलों में दिल्ली सरकार की 'रिलीजियस कमेटी' में विहिप का प्रतिनिधित्व अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करने की मांग की गयी है। इसके साथ धार्मिक स्थलों की व्यवस्था और सुरक्षा को सुदृढ़ करने के लिए राज्यस्तर के साथ-साथ 'स्थानीय स्तर' पर भी समन्वय समितियों का गठन, रियायती दरों पर बिजली-पानी, पुजारियों के लिए सहायता योजना भी शुरू करने की मांग की।

गुप्ता ने एक बयान में कहा कि सभी धार्मिक स्थानों के 500 मीटर के दायरे में मांस-मदिरा, तंबाकू और नशे की बिक्री एवं विज्ञापनों पर पूर्ण रोक सुनिश्चित की जाए।

मंगलवार के दिन हनुमान चालीसा पाठ, भंडारे और कीर्तन एवं शोभायात्राओं के समय मंदिरों के बाहर दिल्ली पुलिस द्वारा सुचारू यातायात प्रबंधन और विशेष सुरक्षा प्रदान की जाना चाहिए। धार्मिक स्थलों के बाहर होने वाली असत्यापित और अवैध व्यावसायिक गतिविधियों (रेहड़ी-पटरी) को नियंत्रित कर केवल पुलिस द्वारा सत्यापित लोगों को ही अनुमति दी जाए।

उन्होंने कहा कि हमारे धार्मिक स्थल समाज में संस्कार, निःस्वार्थ सेवा और सद्भाव के जीवंत केंद्र हैं। हमारा सरकार से विनम्र आग्रह है कि वह इन स्थानों को और अधिक सशक्त बनाने के लिए अपना सयोग प्रदान करे। सरकारी समितियों में विहिप की भागीदारी से प्रशासन और समाज के बीच पारदर्शिता और विश्वास का नाता और अधिक मजबूत होगा। उन्होंने आशा व्यक्त की कि सरकार इन रचनात्मक सुझावों पर शीघ्र ही सकारात्मक दिशा-निर्देश जारी करेगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / विजयालक्ष्मी