विहिप नेता ने की चढ़ावा चोरी पर नेताओं के दावों की जांच की मांग, कहा-निराधार आरोप लगाने की अनुमति नहीं होनी चाहिए
नई दिल्ली, 05 जुलाई (हि.स.)। विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष एवं वरिष्ठ अधिवक्ता आलोक कुमार ने श्रीराम जन्मभूमि चढ़ावा चोरी मामले में सपा नेता रामगोपाल यादव, आम आदमी पार्टी नेता अरविंद केजरीवाल एवं संजय सिंह और कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा सहित अन्य नेताओं की ओर से किए जा रहे दावों की जांच कराए जाने की मांग की है।
उनका कहना है कि इन नेताओं को जांच एजेंसियों के समक्ष दावों से जुड़े तथ्य रखने चाहिए और ऐसा नहीं कर पाने पर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा, “किसी को भी निराधार आरोप लगाने की अनुमति नहीं दी जा सकती। ऐसे आरोप जिनसे घृणा, दुर्भावना और शत्रुता की भावना बढ़े। दुर्भभावना बढ़ाने वाली प्रवृत्ति रखने वालों को बिना किसी सजा के नहीं छोड़ जाना चाहिए।”
विश्व हिंदू परिषद के नेता ने अयोध्या के डीएसपी आशुतोष तिवारी को इस संबंध में एक पत्र लिखा है। पत्र में उन्होंने राम जन्मभूमि में चढ़ावा चोरी से जुड़ी घटना में दर्ज प्राथमिकी का उल्लेख किया है। उनका कहना है कि सार्वजनिक बयानों कुछ नेता चढ़ावा चोरी के बारे में दावे कर रहे हैं। यह दावे 20 हजार करोड़ रुपये तक गबन किए जाने के किए जा रहे हैं।
आलोक कुमार का कहना है कि इन व्यक्तियों के बयानों से प्रतीत होता है कि वह मामले के तथ्यों और परिस्थितियों से भली भांति परिचित हैं। ऐसे में एक निष्पक्ष और व्यापक जांच के लिए यह आवश्यक होगा की इन व्यक्तियों को कानून के प्रावधानों के तहत अपने बयान रिकॉर्ड करने के लिए बुलाया जाए।
उन्होंने कहा कि अगर उक्त व्यक्ति अपने दावों से जुड़े तथ्य पेश करते हैं तो उसे जांच में मदद मिलेगी लेकिन अगर वह बिना किसी तथ्यों के सार्वजनिक तौर पर आरोप लगा रहे हैं तो इससे जांच प्रभावित हो सकती है। उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए किसी को भी कुछ भी आरोप लगाने की अनुमति नहीं दी जा सकती।
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हिन्दुस्थान समाचार / अनूप शर्मा

