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कपूरथला में बनी वंदे भारत ट्रेन का मथुरा-नागदा खंड पर 180 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से सफल परीक्षण

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कपूरथला में बनी वंदे भारत ट्रेन का मथुरा-नागदा खंड पर 180 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से सफल परीक्षण


नई दिल्ली, 09 अक्टूबर (हि.स.)। पंजाब के कपूरथला स्थित रेल कोच फैक्टरी (आरसीएफ) में निर्मित 16 डिब्बों वाली वंदे भारत ट्रेन का मथुरा-नागदा रेलखंड पर 180 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से सफल परीक्षण किया गया है। रेलवे सुरक्षा आयुक्त (सीसीआरएस) की निगरानी में गुरुवार को हुए इस परीक्षण में ट्रेन की तेज गति पर प्रदर्शन क्षमता, परिचालन दक्षता और सुरक्षा मानकों का आकलन किया गया।

रेल मंत्रालय के अनुसार, परीक्षण की सफलता आधुनिक वंदे भारत ट्रेनसेट के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इससे देश में आधुनिक रेलगाड़ियों के निर्माण और उन्नत रेल तकनीक के क्षेत्र में विकसित हो रही क्षमताओं को भी रेखांकित किया गया है।

कपूरथला रेल कोच फैक्टरी में निर्मित इस वंदे भारत ट्रेन में 16 डिब्बे हैं और यह उन्नत प्रणोदन प्रणाली से लैस है। परीक्षण के दौरान ट्रेन के उच्च गति पर प्रदर्शन और निर्धारित सुरक्षा मानकों का मूल्यांकन किया गया। हालांकि, परीक्षण सफल होने का अर्थ अपने आप में इस ट्रेनसेट को नियमित यात्री सेवा के लिए मंजूरी मिलना नहीं है।

आरसीएफ कपूरथला आधुनिक रेल डिब्बों के निर्माण का प्रमुख केंद्र है। यहां वंदे भारत और अमृत भारत जैसी आधुनिक रेलगाड़ियों के लिए डिब्बे तैयार किए जाते हैं। फैक्टरी की विनिर्माण क्षमता ने भारतीय रेलवे के आधुनिक रेल बेड़े के विस्तार में योगदान दिया है।

रेल कोच फैक्टरी ने वित्त वर्ष 2025-26 में कुल 2,383 डिब्बों का उत्पादन किया, जो उसके इतिहास में अब तक का सर्वाधिक वार्षिक उत्पादन है। यह उपलब्धि फैक्टरी की उत्पादन क्षमता और आधुनिक रेल डिब्बों की बढ़ती विनिर्माण गतिविधियों को दर्शाती है।

आरसीएफ में निर्मित रेल डिब्बों का एशिया और अफ्रीका के विभिन्न देशों में निर्यात भी किया गया है। इससे भारतीय रेल विनिर्माण क्षेत्र की अंतरराष्ट्रीय बाजार में मौजूदगी बढ़ाने में मदद मिली है।

रेलवे विनिर्माण में स्वदेशी क्षमता को बढ़ावा देने के प्रयासों के तहत कपूरथला स्थित यह फैक्टरी आधुनिक यात्री रेलगाड़ियों के निर्माण में योगदान दे रही है। वंदे भारत ट्रेन का सफल उच्च गति परीक्षण इसी दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम है।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुशील कुमार