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वडोदरा के वरिष्ठ भाजपा विधायक योगेश पटेल का निधन, 8 बार रहे विधायक

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वडोदरा के वरिष्ठ भाजपा विधायक योगेश पटेल का निधन, 8 बार रहे विधायक


वडोदरा, 02 जून (हि.स.)। गुजरात के वडोदरा जिले की मांजलपुर विधानसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता और विधायक योगेशभाई नारायणदास पटेल का आज मंगलवार काे निधन हो गया। वह पिछले एक सप्ताह से एक निजी अस्पताल में उपचाराधीन थे। वे लंबे समय से हृदय एवं अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे थे। योगेश पटेल के निधन से राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है।

प्रभावशाली जननेता के रूप में थी पहचान

योगेश पटेल वडोदरा की राजनीति में एक मजबूत और प्रभावशाली नेता के रूप में जाने जाते थे। उन्होंने वर्षों तक रावपुरा और मांजलपुर क्षेत्र की जनता की सेवा की तथा वडोदरा के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनके निधन से गुजरात की राजनीति ने एक अनुभवी और जनप्रिय नेता को खो दिया है। उन्हें 8 बार विधायक बनने का गौरव हासिल था।

वे वर्ष 1990 में जनता पार्टी के टिकट पर पहली बार विधायक निर्वाचित हुए। वर्ष 1995 में भाजपा में शामिल हुए। इसके बाद रावपुरा विधानसभा सीट से 5 बार विधायक बने। मांजलपुर विधानसभा सीट से लगातार 3 बार चुनाव जीते।

इस तरह से योगेशभाई कुल 8 बार विधायक चुने गए थे।

छात्र जीवन से ही आंदोलनों में सक्रिय

कॉलेज के दिनों में योगेश पटेल ने महंगाई, दूध और खाद्य तेलों की बढ़ती कीमतों के खिलाफ कई आंदोलन किए। उस समय स्कूलों में बढ़ती फीस और कथित अनियमितताओं के विरोध में उन्होंने विद्यार्थी हितरक्षक समिति का गठन किया और व्यापक आंदोलन चलाया। उनके आंदोलनों की गूंज दिल्ली तक पहुंची, जिसके बाद सरकार को फीस नियमन से संबंधित कानून बनाने की दिशा में कदम उठाने पड़े।

विद्यार्थी हितरक्षक समिति के नेतृत्व में आंदोलन करने के बाद उन्होंने वडोदरा विकास मंच सहित विभिन्न राजनीतिक संगठनों का गठन किया। इन संगठनों के माध्यम से उन्होंने वडोदरा नगर निगम के चुनाव भी लड़े, हालांकि सफलता नहीं मिली।

बाद में पूर्व प्रधानमंत्री वी. पी. सिंह द्वारा गठित जनता पार्टी से जुड़े और वर्ष 1990 में रावपुरा विधानसभा सीट से चुनाव लड़कर पहली बार विधायक बने।

मेनका गांधी उन्हें भाई मानती थीं

योगेश पटेल का संबंध पूर्व केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी से भी बेहद आत्मीय था। संजय गांधी के निधन के बाद जब मेनका गांधी कठिन दौर से गुजर रही थीं, तब योगेश पटेल ने उनका साथ दिया था। कहा जाता है कि उन्होंने वडोदरा में मेनका गांधी का अभूतपूर्व स्वागत कराया था। इसी आत्मीय रिश्ते के कारण मेनका गांधी उन्हें अपना भाई मानती थीं और रक्षाबंधन पर राखी भी भेजती थीं।

भाजपा में शामिल होने के बाद लगातार बढ़ा कद

1995 में भाजपा में शामिल होने के बाद योगेश पटेल पार्टी के प्रमुख नेताओं में गिने जाने लगे। बताया जाता है कि दो अवसरों पर उनकी टिकट काटने की चर्चा हुई, लेकिन मेनका गांधी के हस्तक्षेप के बाद उन्हें टिकट मिला। भाजपा में आने के बाद उन्होंने रावपुरा और मांजलपुर दोनों क्षेत्रों में लगातार जनाधार बनाए रखा और आठ बार विधायक बनने का रिकॉर्ड स्थापित किया।

योगेश पटेल के निधन पर राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों और हजारों समर्थकों ने गहरा शोक व्यक्त किया है। उनका जीवन जनसेवा, संघर्ष और राजनीतिक प्रतिबद्धता का प्रतीक माना जाएगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / यजुवेंद्र दुबे