प्रधानमंत्री ने महानायक उत्तम कुमार को जन्म शताब्दी पर दी श्रद्धांजलि
नई दिल्ली, 03 अगस्त (हि.स.)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को अभिनेता एवं फिल्म निर्माता उत्तम कुमार को उनकी जन्म शताब्दी पर श्रद्धांजलि अर्पित की।
प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स पर लिखा, महानायक उत्तम कुमार एक ऐसे दिग्गज कलाकार जिनकी सदाबहार अदाकारी हर पीढ़ी के लोगों को जोड़ती है। उनकी जन्म शताब्दी पर उन्हें श्रद्धांजलि। उन्होंने पिछले रविवार को मन की बात में अभिनेता उत्तम कुमार के बारे में जिक्र करते हुए कहा था कि उत्तम कुमार एक बहुमुखी एक्टर थे, जो अपने अभिनय से लोगों के दिलों में रस-बस गए। फिल्म प्रेमियों का मानना है कि सत्यजित रे ने फिल्म 'नायक - द हीरो' की पूरी स्क्रिप्ट महानायक उत्तम कुमार को ध्यान में रखकर लिखी थी।
प्रधानमंत्री का मानना है कि वह किरदार को जीवंत बनाने के लिए वे बहुत मेहनत करते थे। उत्तम कुमार अपनी सहजता के साथ ही परोपकारी कार्यों के लिए भी जाने जाते थे। उनके जीवन से कभी भी हार न मानने की एक और बड़ी सीख भी मिलती है। उनकी शुरुआती फिल्में बहुत नहीं चलीं, लेकिन उन्होंने अपने काम पर फोकस बनाए रखा। इसी का परिणाम था कि उन्होंने इतनी ऊंचाई हासिल की।
उल्लेखनीय है कि उत्तम कुमार को अपने करियर की शुरुआत में 'फ्लॉप मास्टर जनरल' तक का सामना करना पड़ा था। इसके बाद उन्होंने अपनी सहज अदाकारी और आकर्षण से उन्होंने बंगाली सिनेमा में एक नया मुकाम हासिल किया। उनकी प्रमुख फिल्मों में से 'सप्तपढ़ी', 'अग्नि परीक्षा', 'हरानो सुर', और सत्यजीत रे की 'नायक' और 'चिड़ियाखाना' हैं। अभिनेता उत्तम कुमार को 1968 में फिल्म 'नायक' और 'चिड़ियाखाना' के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पहला राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिला।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / श्रद्धा द्विवेदी

